➤ हिमाचल के कई हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश के आसार, मंडी में भी अलर्ट
➤ 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी, चार दिन सक्रिय रहेगा मानसून
➤ भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बढ़ा, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
शनिवार को निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश की गतिविधियां तुलनात्मक रूप से कम रहने की संभावना है।
मंडी समेत कई जिलों में शनिवार को मौसम बदल सकता है। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। हालांकि, शनिवार का मौसम आने वाले दिनों में बनने वाले बारिश के व्यापक दौर की तुलना में अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है।
30 अगस्त से बढ़ेगी मानसून की सक्रियता
मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त से हिमाचल में मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। 30 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
इसके बाद 31 अगस्त, 1 सितंबर, 2 सितंबर और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। यानी सितंबर की शुरुआत हिमाचल में एक बार फिर बारिश के दौर के साथ होने वाली है।
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए पहाड़ी जिलों में रहने वाले लोगों और सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। मानसून के दौरान पहले से संवेदनशील कई पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश बढ़ने पर हालात तेजी से बदल सकते हैं।
पहाड़ों में भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा
बारिश बढ़ने के साथ प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है। खासकर वे सड़कें और क्षेत्र संवेदनशील रहेंगे, जहां पहले से पहाड़ी दरकने या सड़क किनारे मलबा आने की घटनाएं होती रही हैं।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी ढलानों से पत्थर और मलबा गिरने की आशंका रहती है। ऐसे में वाहन चालकों को संवेदनशील मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मौसम विभाग ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है।
बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों और खड्डों के आसपास जाने से बचना भी जरूरी होगा। अचानक होने वाली तेज बारिश से छोटे नदी-नालों में जलस्तर और बहाव तेजी से बढ़ सकता है।
नदी-नालों का बढ़ सकता है जलस्तर
अगले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की स्थिति में नदी-नालों के जलस्तर और बहाव में बढ़ोतरी हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में कम समय में अधिक बारिश होने पर इसका असर निचले इलाकों में भी देखने को मिल सकता है।
स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। विशेषकर पहाड़ी पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना फायदेमंद रहेगा।
तापमान में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं
मौसम में बारिश के बावजूद अगले तीन से चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में भी विशेष परिवर्तन नहीं होगा।
हालांकि इसके बाद अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है। बारिश बढ़ने के साथ तापमान में यह गिरावट प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम को और ठंडा कर सकती है।
इससे साफ है कि शनिवार को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने के बाद अगले कुछ दिनों में हिमाचल में बारिश का दौर तेज हो सकता है। 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी होगा।
सितंबर की शुरुआत बारिश के साथ
हिमाचल में मानसून के इस नए दौर से जहां मौसम सुहावना होने की उम्मीद है, वहीं लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क पर मलबा और नदी-नालों में बढ़ता बहाव सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले चार दिन प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम में जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।



