➤ देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल के खिलाफ विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग मामले में विजिलेंस ने FIR दर्ज की
➤ प्रारंभिक जांच में बैंक रिकॉर्ड और लाभार्थियों के बयानों के आधार पर अनियमितताओं के संकेत मिलने का दावा
➤ IPC की धारा 409 और 420 के तहत मामला दर्ज, विजिलेंस ने निष्पक्ष जांच की बात कही
हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने कांगड़ा जिले के देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल के खिलाफ विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई शिकायत पर की गई प्रारंभिक जांच के बाद की गई।
विजिलेंस के अनुसार, शिकायत पूर्व विधायक की एक कंपनी के कर्मचारियों द्वारा दी गई थी, जिन्हें विधायक ऐच्छिक निधि का लाभार्थी भी बताया गया है। जांच के दौरान सरकारी रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेज, लाभार्थियों के बैंक खातों और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आने का दावा किया गया कि वर्ष 2023 और 2024 के दौरान विधायक ऐच्छिक निधि से कुछ लोगों के नाम पर आर्थिक सहायता स्वीकृत और जारी की गई। हालांकि, कथित लाभार्थियों ने बयान में कहा कि उन्होंने ऐसी किसी सहायता के लिए आवेदन नहीं किया था।
विजिलेंस का यह भी दावा है कि कुछ लाभार्थियों ने कथित तौर पर बताया कि उनके खातों में राशि आने के बाद उन्होंने नकद निकालकर पूर्व विधायक के निर्देशानुसार राशि वापस सौंप दी। जांच एजेंसी के अनुसार, दस्तावेजी साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड के सत्यापन में प्रथम दृष्टया सरकारी धन के दुरुपयोग के संकेत मिले हैं।
इन तथ्यों के आधार पर धर्मशाला स्थित विजिलेंस थाना में एफआईआर संख्या 05/2026 भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विजिलेंस ने कहा है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। साथ ही यह भी परखा जाएगा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम या अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत अतिरिक्त अपराध बनता है या नहीं।
होशियार सिंह चंब्याल वर्ष 2017 और 2022 में निर्दलीय विधायक चुने गए थे। 2024 के राज्यसभा चुनाव के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया था। बाद में हुए देहरा उपचुनाव में उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन कमलेश ठाकुर से हार गए।



