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सूचना आयोग कार्यालय शिमला से धर्मशाला भेजने की तैयारी

सूचना आयोग दफ्तर शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने की तैयारी
डीसी कांगड़ा को जगह तलाशने के निर्देश, कर्मचारियों में चिंता
कैबिनेट मीटिंग में लिया जा सकता है अंतिम फैसला


हिमाचल प्रदेश सरकार सूचना आयोग यानी इन्फॉर्मेशन कमीशन के दफ्तर को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार ने इसके लिए डीसी कांगड़ा को धर्मशाला में उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस कदम से कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों, खासकर आउटसोर्स पर काम कर रहे कर्मचारियों में चिंता का माहौल बन गया है।

हालांकि सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शिमला सचिवालय के साथ ही सूचना आयोग का अपना भवन लगभग तैयार हो चुका है। माना यह जा रहा था कि मार्च 2026 तक यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद कार्यालय खलीणी स्थित किराए की बिल्डिंग से यहां आ जाएगा। ठीक इसी बीच इसे धर्मशाला शिफ्ट करने की चर्चा ने नया मोड़ ला दिया है।

सरकार के स्तर पर माना जा रहा है कि इस विषय पर कैबिनेट में निर्णय लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार आगामी बैठक में यह प्रस्ताव सामने आ सकता है कि सूचना आयोग का दफ्तर भी धर्मशाला में स्थानांतरित किया जाए।

सरकार इससे पहले भी कई अहम विभागों को शिमला से धर्मशाला भेज चुकी है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू वन्य प्राणी विंग कार्यालय और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) को पहले ही स्थानांतरित कर चुके हैं। इसके अलावा 31 मई 2025 की कैबिनेट मीटिंग में रेरा कार्यालय को भी धर्मशाला शिफ्ट करने की मंजूरी दी जा चुकी है। सरकार कुछ अन्य विभागों को भी राजधानी से बाहर भेजने पर विचार कर रही है।

शिमला में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव सरकार का मुख्य तर्क है। सीएम सुक्खू कई बार कह चुके हैं कि शिमला को डी कंजेस्ट करना आवश्यक है। उनका कहना है कि ऑफिस शिफ्ट करने से शहर का फैलाव बढ़ेगा और आम जनता को जाम से राहत मिलेगी। सुबह के वक्त चार किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे तक लग जाना, इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।

लेकिन यह फैसला सरकार के भीतर ही विरोध का सामना भी कर रहा है। ठियोग से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर पहले ही राजधानी से दफ्तर हटाने का विरोध कर चुके हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर सरकार के भीतर ही दो राय दिखती है।

अब सबकी नजरें कैबिनेट की बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सूचना आयोग शिमला में ही रहेगा या फिर धर्मशाला को उसका नया पता मिलेगा।