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तिरंगे में लिपटी देह देख रो पड़ा गांव, जवान अंकज कुमार पंचतत्व में विलीन

➤आईटीबीपी जवान अंकज कुमार का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से हुआ
➤ब्रेन स्ट्रोक से अल्मोड़ा में हुआ था निधन
➤पुत्र आदित्य ने दी मुखाग्नि, गांव में छाया मातम



ITBP Soldier Martyrdom: जवाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जोल निवासी आईटीबीपी जवान अंकज कुमार की तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह शुक्रवार को जैसे ही उनके गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पार्थिव देह घर पहुंचते ही माता कांता देवी, पिता ठाकुर सिंह और पत्नी सपना देवी शव से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगे। गांव की गलियां शोक से भर उठीं। हर आंख नम थी।

अंकज कुमार आईटीबीपी में उत्तराखंड के अल्मोड़ा में बतौर चालक कार्यरत थे, जहां बुधवार को ब्रेन स्ट्रोक से उनका असामयिक निधन हो गया। उनका शव जैसे ही घर पहुंचा, दोनों मासूम बेटे 10 वर्षीय आदित्य और 8 वर्षीय सूर्यांश मासूमियत से अपने पिता की देह को निहारते रहे। शायद उन्हें यह अहसास भी न था कि अब उनके पिता कभी लौटकर नहीं आएंगे।

पिता ठाकुर सिंह ने अपने बेटे की पार्थिव देह को सैल्यूट कर अंतिम सलामी दी। इसके बाद शहीद जवान की अंतिम यात्रा श्मशानघाट तक निकाली गई। श्मशानघाट में नायब तहसीलदार कोटला कोविंदर चौहान, भाजपा नेता संजय गुलेरिया और पूर्व विधायक अर्जुन सिंह ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

आईटीबीपी की टुकड़ी ने हवाई फायर कर जवान को अंतिम सलामी दी। पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के बेटे आदित्य ने मुखाग्नि दी। इस अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन शामिल हुए। उनकी शहादत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया और यह पल हर किसी के दिल में अमिट छाप छोड़ गया।