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गैरहाजिरी से कोर्ट नाराज, एसएचओ को एक घंटे वर्दी में बंद रखा लाकअप में

ककहेड़ी गांव में 2021 में मनीष की हत्या का मामला अभी भी अधूरा
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार गवाही के लिए बार-बार कोर्ट में गैरहाजिर
अदालत ने दिखाई सख्ती, कहा न्याय में देरी पीड़ित परिवार के साथ अन्याय


हरियाणा के कैथल – सीवन थाना क्षेत्र के कोर्ट ने एसएचओ को ही एक घंटे तक सलाखों में बंद  रखा। वर्दी में एचएचओ को यह सजा दी गई। मामला ककहेड़ी गांव में वर्ष 2021 में युवक मनीष की हत्या से जुडा है। इस केस की सुनवाई लंबे समय से चल रही है, लेकिन जांच अधिकारी की लापरवाही ने पूरे न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, हत्या की एफआईआर मृतक मनीष के चाचा राजवीर सिंह ने दर्ज करवाई थी। मामले की जांच इंस्पेक्टर राजेश कुमार को सौंपी गई थी। लेकिन अदालत में गवाही देने के लिए उन्हें कई बार तलब किया गया, बावजूद इसके वे पेश नहीं हुए। उनकी बार-बार गैरहाजिरी से अदालत में सुनवाई प्रभावित हुई और आखिरकार कोर्ट को सख्त रुख अपनाना पड़ा।

न्यायालय ने साफ कहा कि हत्या जैसे संगीन मामलों में जांच अधिकारी का कोर्ट में उपस्थित होना अनिवार्य है, क्योंकि केस की पूरी कहानी और सबूतों की कड़ी उनके बयान पर ही टिकी होती है। उनकी अनुपस्थिति से न केवल सुनवाई में देरी हो रही है बल्कि पीड़ित परिवार का भरोसा भी न्याय व्यवस्था से उठता जा रहा है।

पीड़ित परिजनों का कहना है कि तीन साल गुजरने के बाद भी न्याय अधूरा है। परिवार रोज उम्मीद करता है कि अब अदालत से उन्हें इंसाफ मिलेगा, लेकिन हर बार गवाही टलने से उनकी पीड़ा और बढ़ जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब न्याय दिलाने के लिए नियुक्त अधिकारी ही कोर्ट में नहीं जाएंगे तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा?

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत किसी भी अधिकारी की गैरहाजिरी को हल्के में नहीं ले सकती। यदि जांच अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होते तो यह केस को कमजोर करने के साथ-साथ न्याय में बाधा डालने जैसा है। अदालत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई भी कर सकती है।

इस घटना ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग कह रहे हैं कि जब हत्या जैसे मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?