➤ ब्रेक फेल होते ही ढांक से टकराई एचआरटीसी बस
➤ बस में 60 से 70 यात्री सवार थे, 45 अस्पताल पहुंचाए गए
➤ चालक की सूझबूझ से बस खाई में गिरने से बची, टला बड़ा हादसा
कुल्लू। रक्षाबंधन के दिन कुल्लू में उस समय बड़ा हादसा होने से टल गया, जब ब्यासर से कुल्लू की ओर आ रही एचआरटीसी बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए। बस में उस समय 60 से 70 के करीब यात्री सवार बताए जा रहे हैं और रक्षाबंधन के कारण बस में काफी भीड़ थी। ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई और बस को सड़क किनारे ढांक की तरफ मोड़कर रोक दिया। बस ढांक से टकराने के बाद रुक गई और गहरी खाई में गिरने से बच गई।
हादसे में कई यात्रियों को चोटें आई हैं। हादसे के बाद करीब 45 लोगों को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत मदद के लिए पहुंचकर घायलों को बस से बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
दोपहर करीब 12 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे भेखली क्षेत्र में ब्यासर रोड पर हुआ। निगम की बस ब्यासर से कुल्लू की तरफ आ रही थी। रास्ते में अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए। पहाड़ी सड़क होने के कारण स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी।
ब्रेक काम नहीं करने पर चालक के सामने बस को नियंत्रित करने की बड़ी चुनौती थी। सड़क के एक तरफ ढांक और नीचे गहरी खाई थी। ऐसे में चालक ने तुरंत फैसला लेते हुए बस को ढांक की तरफ मोड़ दिया। बस ढांक से टकराई और रुक गई। इस तरह बस को खाई में जाने से बचा लिया गया।
बस में रक्षाबंधन के चलते काफी भीड़ थी
बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन के कारण बस में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक यात्री थे। बस में करीब 60 से 70 सवारियां मौजूद थीं। ऐसे में यदि बस ढांक से नीचे खाई में चली जाती तो हादसा बेहद गंभीर हो सकता था।
बस के अचानक रुकने के बाद यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ यात्रियों को चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए।
45 घायलों को कुल्लू अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल पहुंचाया गया। करीब 45 लोगों को अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है। अस्पताल में घायलों का उपचार किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद यात्रियों के परिजन भी अस्पताल पहुंचने लगे और अपने परिवार के सदस्यों की स्थिति की जानकारी लेते रहे।
हादसे के कारण कुछ समय के लिए घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव में मदद की। इस दौरान सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि बस खाई में गिरने से बच गई।
चालक की सूझबूझ से बची कई जिंदगियां
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस जगह हादसा हुआ, वहां सड़क के किनारे गहरी ढांक है। यदि ब्रेक फेल होने के बाद बस चालक के नियंत्रण से बाहर होकर ढांक से नीचे चली जाती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
ऐसे समय में चालक ने तेजी से फैसला लिया और बस को ढांक की ओर मोड़ दिया। बस ढांक से टकराकर रुक गई। चालक के इस फैसले से बस खाई में जाने से बच गई और बड़ी संख्या में यात्रियों की जान बच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही मची हलचल
रक्षाबंधन के दिन हुए इस हादसे की सूचना जैसे ही क्षेत्र में फैली, लोगों में चिंता बढ़ गई। यात्रियों के परिजन घायलों की जानकारी लेने के लिए अस्पताल पहुंचे। मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया।
हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर त्योहारी दिनों में जब बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में वाहनों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल हादसे में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। सबसे बड़ी राहत यह है कि चालक की सूझबूझ से बस गहरी खाई में जाने से बच गई। हादसे में घायल यात्रियों का अस्पताल में उपचार कराया गया है।



