➤ जल शक्ति विभाग के JE लाभ सिंह गुलेरिया हत्याकांड में महिला डॉक्टर समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
➤ पुलिस का दावा- अवैध संबंध के शक में रची गई सुनियोजित साजिश, शव नाले के पास फेंका
➤ CDR, CCTV, वैज्ञानिक साक्ष्य और घरेलू सहायिका के बयान से सुलझी ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में चर्चित जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) लाभ सिंह गुलेरिया हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में कार्यरत महिला डॉक्टर शाम्भवी ठाकुर, उनके पति आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. करण ठाकुर, ससुर विजय सिंह और देवर दिनेश ठाकुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अवैध संबंध के शक में यह हत्या सुनियोजित तरीके से की गई।
पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल ने बताया कि मामले की जांच के लिए एएसपी संजीव चौहान के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने छह दिन तक लगातार जांच की। इस दौरान मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज, घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य और घरेलू सहायिका के बयान को आधार बनाकर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया गया।
पाइप लाइन देखने के बहाने घर बुलाया
पुलिस जांच के अनुसार, 24 जुलाई की शाम JE लाभ सिंह गुलेरिया को पानी की पाइप लाइन देखने के बहाने गांधीनगर स्थित घर बुलाया गया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद चारों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई।
शव नाले के पास फेंका, दुर्घटना दिखाने की कोशिश
पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और घटना को दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शव को नाले के पास फेंक दिया। अगले दिन 25 जुलाई की सुबह लाभ सिंह गुलेरिया बेसुध अवस्था में मिले थे। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर कार्रवाई
एसपी मदन लाल कौशल ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और यदि आगे नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे कुल्लू जिले में मामले की चर्चा है। पुलिस चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।



