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लाहौल-स्पीति में लगातार भारी हिमपात, तीन राष्ट्रीय मार्ग बंद
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मौसम विभाग ने 7 अक्टूबर तक भारी वर्षा व बर्फबारी की चेतावनी जारी की
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प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यात्रा से बचने की अपील की
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शनिवार शाम से लगातार भारी हिमपात हो रहा है, जिससे पूरा इलाका बर्फ की मोटी परत से ढक गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, शिमला ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक क्षेत्र में भारी वर्षा और बर्फबारी जारी रह सकती है।
लगातार हो रही बर्फबारी के चलते जिला प्रशासन ने तीन प्रमुख मार्गों को अगली सूचना तक बंद कर दिया है। इनमें कोकसर से Lossar (NH-505), दारचा से सरचू (NH-003) और दारचा से शिंकुला रोड शामिल हैं। प्रशासन ने कहा है कि इन मार्गों पर बर्फ की मोटी परत जम चुकी है और फिसलन के कारण यातायात बेहद खतरनाक हो गया है।
| मार्ग | स्थिति | कारण |
|---|---|---|
| कोकसर से Lossar (NH-505) | बंद | भारी हिमपात के कारण मार्ग बंद |
| दारचा से सरचू (NH-003) | बंद | पुलिस चौकियाँ यातायात को नियंत्रित करेंगी |
| दारचा से शिंकुला रोड | बंद | भारी हिमपात के कारण मार्ग बंद |
जिला प्रशासन लाहौल-स्पीति ने एक सार्वजनिक परामर्श जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे अत्यावश्यक न होने पर यात्रा से बचें और मौसम की ताज़ा जानकारी लेने के बाद ही सफर पर निकलें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ढलानों, नदी किनारों और नालों के पास वाहनों को पार्क न करें क्योंकि किसी भी समय बर्फ का दबाव या पानी का बहाव बढ़ सकता है।
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों को पार करने का प्रयास न करें। साथ ही होटल और होम-स्टे संचालकों से कहा गया है कि वे अपने मेहमानों को सावधानी बरतने की सलाह दें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति, शिवानी महला (IPS) ने कहा कि जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। “हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए लोगों से अपील है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें,” उन्होंने कहा।
आपात स्थिति में संपर्क करें
जिला आपदा संचालन केंद्र, लाहौल-स्पीति
📞 94594-61355
📞 01900-202509, 510, 517
📞 टोल फ्री नंबर – 107
प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल बर्फबारी के थमने और मौसम सामान्य होने के बाद ही मार्गों को बहाल किया जाएगा।



