➤ मंडी में जहरीले सांप के डसने से सगे भाई-बहन की मौत, पेट दर्द समझते रहे परिजन
➤ काव्या और नक्ष की तबीयत बिगड़ी तो घर में दिखा बड़ा काला सांप, अस्पताल पहुंचने से पहले दोनों की मौत
➤ पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया सांप के जहर की पुष्टि, जांच के लिए दोनों के नमूने लिए गए
मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के कोटली क्षेत्र के सेहली गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जहरीले सांप के डसने से सगे भाई-बहन की मौत हो गई। रात में दोनों बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की तो परिजनों ने शुरुआत में इसे ठंड या अपच की वजह समझा और गर्म पानी की थैली से उनके पेट पर सेंक करते रहे। कुछ ही देर में दोनों बच्चों की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। इसी दौरान घर के दरवाजे के पास एक बड़ा काला सांप दिखाई दिया, जिसके बाद परिजनों को सर्पदंश की आशंका हुई।
परिजन आनन-फानन में दोनों बच्चों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल मंडी लेकर पहुंचे। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दोनों को श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नेरचौक रेफर किया गया। लेकिन नेरचौक पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान नौ वर्षीय काव्या पुत्री महेंद्र कुमार और छह वर्षीय नक्ष पुत्र महेंद्र कुमार, निवासी सेहली, तहसील कोटली के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई-बहन थे। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
रात ढाई बजे काव्या ने बताया पेट में दर्द
पुलिस के अनुसार यह घटना शुक्रवार देर रात की है। बच्चों के पिता महेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि 11 सितंबर को दोनों बच्चे करीब तीन बजे घर पहुंचे थे। घर पहुंचने के बाद उन्होंने परिवार के साथ खाना खाया और कुछ देर खेलने के बाद रात करीब आठ बजे मां के साथ दोबारा खाना खाया।
खाना खाने के बाद दोनों बच्चे टीवी देखने लगे। करीब साढ़े आठ बजे पिता भी घर पहुंच गए। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य कुछ समय तक साथ बैठकर टीवी देखते रहे। रात करीब साढ़े नौ बजे दोनों बच्चे सोने के लिए डबल बेड पर चले गए। बाद में माता-पिता भी सो गए।
रात करीब ढाई बजे काव्या ने माता-पिता को उठाया और पेट में दर्द होने की बात कही। कुछ देर बाद उसके भाई नक्ष ने भी पेट दर्द की शिकायत की। दोनों बच्चों की एक जैसी शिकायत को देखते हुए परिजनों ने तत्काल उन्हें राहत देने की कोशिश की।
ठंड या अपच समझकर गर्म पानी की थैली से किया सेंक
बच्चों के पेट में अचानक दर्द होने पर माता-पिता ने शुरुआत में इसे ठंड लगने या अपच से जुड़ी परेशानी माना। उन्होंने दोनों के पेट पर गर्म पानी की थैली से सेंक किया।
लेकिन स्थिति सामान्य होने के बजाय तेजी से बिगड़ने लगी। करीब आधे घंटे बाद काव्या को उल्टियां होने लगीं। वह दर्द से रोने लगी। इसके करीब पांच मिनट बाद उसके भाई नक्ष की तबीयत भी अचानक खराब हो गई।
बच्चों की हालत इस तरह बिगड़ने के बीच परिजनों की नजर घर के दरवाजे की ओर गई। वहां उन्हें एक बड़ा काला सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। सांप को घर में देखकर परिवार के लोगों को आशंका हुई कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह सर्पदंश हो सकती है।
घर में सांप देखकर मचा हड़कंप, अस्पताल लेकर दौड़े परिजन
बड़ा काला सांप दिखाई देने के बाद परिजनों ने किसी तरह उसे घर से बाहर निकाला। इसके बाद बच्चों को बचाने के लिए वे उन्हें लेकर तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल मंडी पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों बच्चों की स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें आगे के उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन दोनों को लेकर श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नेरचौक पहुंचे।
लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद काव्या और नक्ष दोनों को मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया सांप के जहर की बात सामने आई
घटना की सूचना मिलने के बाद कोटली पुलिस चौकी प्रभारी ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए। दोनों शवों का निरीक्षण किया गया और उनकी फोटोग्राफी भी कराई गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया दोनों बच्चों की मौत का कारण सांप का जहर बताया है।
हालांकि, मौत की वजह को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए पुलिस ने दोनों बच्चों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
परिजनों ने किसी तरह का संदेह नहीं जताया
पुलिस ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बच्चों की मौत को लेकर किसी व्यक्ति या अन्य परिस्थिति पर किसी तरह का संदेह व्यक्त नहीं किया है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के लिए लिए गए नमूनों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। सांप के घर में मिलने और बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने की घटनाक्रम को भी जांच के दौरान ध्यान में रखा जा रहा है।
कुछ ही घंटों में खुशियों वाले घर में पसरा मातम
सेहली गांव में इस घटना के बाद शोक की लहर है। दो मासूम भाई-बहन की मौत ने परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
रात में दोनों बच्चों ने केवल पेट दर्द की शिकायत की थी। परिजनों ने इसे सामान्य परेशानी मानते हुए गर्म पानी की थैली से सेंक किया। लेकिन कुछ ही देर में काव्या को उल्टियां होने लगीं और नक्ष की हालत भी बिगड़ गई। इसके बाद घर में काला सांप दिखाई देने से सर्पदंश की आशंका हुई और परिवार बच्चों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ा।
इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने से पहले ही स्थिति गंभीर हो चुकी थी। नेरचौक पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया सांप के जहर की बात सामने आने के बाद पुलिस ने जांच के लिए नमूने सुरक्षित किए हैं। अब जांच रिपोर्ट से मौत की वजह को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।



