➤ नालागढ़ के दयोली गांव में मकान के पास मिली संदिग्ध वस्तु
➤ आर्मी का बम निरोधक विशेषज्ञ दस्ता करेगा वस्तु को निष्क्रिय
➤ पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ
नालागढ़। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में पंजाब सीमा से सटे दयोली गांव में मकान की दीवार के पास ग्रेनेडनुमा संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके को सुरक्षित करते हुए करीब 60 मीटर के दायरे में सुरक्षा घेरा बना दिया और आसपास के घरों को खाली करवाया। मंगलवार को शिमला से बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन संदिग्ध वस्तु को निष्क्रिय नहीं किया जा सका। अब बुधवार को आर्मी का बम निरोधक विशेषज्ञ दस्ता मौके पर पहुंचकर इसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की कार्रवाई करेगा। एहतियात के तौर पर इलाके में लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल संदिग्ध वस्तु में किसी तरह का विस्फोट नहीं हुआ है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार मामला सोमवार रात दयोली गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। विवाद के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। इसी दौरान एक पक्ष की ओर से दूसरी तरफ ग्रेनेड जैसी वस्तु फेंके जाने का आरोप लगाया गया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौके से बरामद वस्तु वास्तव में ग्रेनेड है या किसी अन्य प्रकार की विस्फोटक सामग्री। इसकी वास्तविक प्रकृति की पुष्टि विशेषज्ञों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
विवाद के बाद सामने आया संदिग्ध वस्तु का मामला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दयोली में दो पक्षों के बीच पहले से चल रहे लेन-देन और जमीन संबंधी विवाद को लेकर सोमवार रात कहासुनी के बाद मारपीट हुई। इसी विवाद के दौरान संदिग्ध वस्तु के इस्तेमाल का आरोप सामने आया।
मामले में एक पक्ष की ओर से सलीम और रशीद, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से राजू खान और इरफान के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने चारों को हिरासत में लिया है और पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने क्रॉस केस भी दर्ज किया है।
हालांकि, पुलिस जांच में अभी यह स्थापित होना बाकी है कि बरामद संदिग्ध वस्तु का विवाद के दौरान कथित तौर पर फेंकी गई वस्तु से ही संबंध है या नहीं। पुलिस इसी पहलू को लेकर भी जांच आगे बढ़ा रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम
संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना के बाद नालागढ़ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। किसी संभावित खतरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। संदिग्ध वस्तु के आसपास लोगों की आवाजाही रोक दी गई और सुरक्षा के लिहाज से आसपास के घरों को भी खाली करवाया गया।
एसपी बद्दी विनोद धीमान ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संदिग्ध वस्तु से जुड़े तथ्यों को जुटाने का काम शुरू किया।
मंगलवार को शिमला से बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंचा था। हालांकि, संदिग्ध वस्तु को निष्क्रिय करने की कार्रवाई उस समय पूरी नहीं हो सकी। अब इसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए आर्मी के विशेषज्ञ बम निरोधक दस्ते की मदद ली जा रही है।
कहां से आई संदिग्ध वस्तु, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि संदिग्ध वस्तु वहां तक कैसे पहुंची और इसका दो पक्षों के बीच हुए विवाद से क्या संबंध है। घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ के साथ-साथ अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि बरामद वस्तु वास्तव में ग्रेनेड है। पुलिस और प्रशासन की ओर से इसे फिलहाल संदिग्ध वस्तु माना जा रहा है। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही इसकी वास्तविक प्रकृति के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
एसपी की लोगों से अपील, अफवाहों से बचें
मामले को लेकर एसपी बद्दी विनोद धीमान ने लोगों से अपील की है कि वे किसी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच जारी है और विशेषज्ञों की जांच के बाद ही संदिग्ध वस्तु को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षित कर रखा है और संदिग्ध वस्तु को निष्क्रिय करने की कार्रवाई के लिए विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है। साथ ही चार लोगों से पूछताछ के जरिए विवाद और संदिग्ध वस्तु के बीच संबंध की जांच की जा रही है।



