शिमला एनएसयूआई ने शनान स्थित आईआईआरडी की संस्था पर करोड़ों रूपये के घोटाले का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद हेटा ने घोटाले से जुड़े तथ्यों को जुटाने के बाद पूरे मामले की शिकायत प्रदेश पुलिस महानिदेशक को दी है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश के बाद ढली थाने में संस्थान का संचालन कर रहे दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
एनएसयूआई उपाध्यक्ष विनय हेटा ने रविवार को कहा कि सूबे के ग्रामीण इलाकों के 50 हजार लोगों को नौकरी देने का झांसा देकर इस संस्था ने करोड़ों रूपये एंठे। इन्होंने 2017 में विज्ञापन देकर छह हजार लोगों को नौकरियां देने का वायदा किया था। इसमें प्रदेश की 3226 पंचायतों में दो-दो पंचायत फसिलेटर और एक-एक पंचायत सर्विस एसोसिएट को रखा जाना था। इसके अलावा जिला व मंडल स्तर पर भी भर्तियां निकाली गईं। इन पदों के लिए संस्था द्वारा 500 रूपये से लेकर 1500 रूपये तक का शुल्क लिया गया। प्रदेश के लगभग 50 हजार युवाओं ने इन तमाम पदों के लिए आवेदन किया था।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग फीस रखी गई। करोड़ों रूपयो एकत्रित होने के बाद संस्था द्वारा भर्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और बड़े पैमाने पर धांधली हुई। इस संस्था ने छह हजार लोगों को नियुक्ति पत्र देने का दावा किया, लेकिन हकीकत में इस संस्था ने पचास लोग भी नियुक्त नहीं किए हैं।
उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा नौकरी पर रखे गए युवा-युवतियों को पंचायतों में लोगों के घर-घर जाकर दो हजार रूपये के शुल्क पर सदस्य बनाने का काम दिया गया।
विनय हेटा ने बताया कि प्रदेश भर में करीब 12 हजार लोगों ने इस संस्था के झांसे में आकर सदस्यता करवाई। इस तरह इस संस्था ने सदस्यता अभियान के जरिए एक करोड़ रूपये ठगे। जबकि नौकरी के लिए मांगे गए 50 हजार आवेदनों के माध्यम से करीब डेढ़ करोड़ की राशि एंठी गई। इस तरह संस्था ने गैरकानूनी तरीके से करोड़ों रूपये एकत्रित किए हैं और युवाओं व आम जनता के साथ खिलवाड़ किया है



