➤ जंतर-मंतर पर हुई अभद्र भाषा का जिक्र करते हुए PM मोदी ने कहा- मुझे और मेरी मां को गालियां दी गईं
➤ कहा- ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें सजा नहीं बल्कि सही रास्ता दिखाने की जरूरत है
➤ 9 दिनों में प्रधानमंत्री का यह पांचवां वीडियो, सोशल मीडिया पर तेजी से हुआ वायरल
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी मां के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी मां को गालियां दी गईं, लेकिन वह इसका जवाब किसी कार्रवाई या बदले से नहीं, बल्कि माफी से देना चाहते हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं को गुमराह बच्चे बताते हुए कहा कि उन्हें सजा नहीं, बल्कि सही दिशा दिखाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बचपन और युवावस्था में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन यही वह समय भी होता है जब सही मार्गदर्शन देकर भविष्य संवारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करवाना नहीं, बल्कि युवाओं को बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा देना है।
Abuses never solve anything.
Let’s guide the misguided.
Let’s work together.
Let’s work for Bharat. pic.twitter.com/yAePG60KYL
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
‘जो हुआ, पूरी दुनिया ने देखा’
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक और सभ्य समाज में इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में असंतोष और आक्रोश हो सकता है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका मर्यादित होना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जब देश की बेटियां इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करती हैं तो यह चिंता का विषय बन जाता है। उनके अनुसार केवल दंड देने से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि युवाओं को सही संस्कार और सकारात्मक सोच देने की जरूरत है।
‘मैं आपके भविष्य के लिए काम करता हूं’
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका पूरा जीवन देशवासियों, विशेषकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य देश के भविष्य को मजबूत और सुरक्षित बनाना है।
23 जुलाई की घटना से जुड़ा मामला
यह मामला 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में रुचिका सिंह नाम की युवती प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दी थी।
शिकायत मिलने के बाद 30 जुलाई को नोएडा एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने युवती के खिलाफ सार्वजनिक उपद्रव, जानबूझकर अपमान और मानहानि सहित विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की। इस कार्रवाई का कुछ छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने विरोध भी किया।
9 दिनों में प्रधानमंत्री का पांचवां वीडियो
पिछले नौ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी लगातार अलग-अलग राष्ट्रीय मुद्दों पर वीडियो संदेश जारी कर चुके हैं।
- 23 जुलाई: आधी रात को पेपर लीक संशोधन विधेयक लाने की घोषणा।
- 24 जुलाई: पहले वीडियो पर मिले सुझावों के लिए देशवासियों का धन्यवाद।
- 26 जुलाई: परीक्षा सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून और हाईपावर टास्क फोर्स की जानकारी।
- 30 जुलाई: पेपर लीक संशोधन कानून को वर्षों पुरानी चुनौती का समाधान बताया।
- 1 अगस्त: जंतर-मंतर घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए माफी, संयम और सकारात्मक मार्गदर्शन का संदेश दिया।



