Follow Us:

राहुल गांधी को देर से पहुंचने पर लगी 10 पुशअप की सजा

राहुल गांधी को देर से पहुंचने पर 10 पुशअप की सजा
सचिन राव ने अनुशासन के तहत सजा दी, राहुल ने सार्वजनिक रूप से पुशअप किए
जुजुत्सु अभ्यास से राहुल ने बताया— जमीन पर पकड़ मजबूत रखें


कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण कैंप में शनिवार को एक हल्का-फुल्का, फिर भी संदेश भरा क्षण तब बना जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तय समय से देरी से पहुँचे और प्रशिक्षण व्यवस्था के नियमों के मुताबिक़ उन्हें कांग्रेस ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के हेड सचिन राव ने सार्वजनिक रूप से 10 पुशअप लगाने का निर्देश दिया। राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए सजा स्वीकार की और मंच पर सभी जिला अध्यक्षों के समक्ष दस पुशअप किए। यह घटना महज व्यायाम का पलों नहीं रही, बल्कि नेतृत्व, अनुशासन और आत्मिक दृढ़ता का भी संदेश बनकर उभरी।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान राहुल गांधी ने जुजुत्सु का एक व्यावहारिक सत्र भी कराया जिसमें उन्होंने जिला अध्यक्षों को यह सिखाया कि किसी भी राजनीतिक संघर्ष या विरोध के समय “अपनी जमीन पर पकड़” कितनी अहम होती है। राहुल ने स्पष्ट किया कि अगर पैर जमीन से नहीं जुड़ा रहेगा तो राजनीति में पकड़ कमजोर हो जाएगी; इसलिए बाहरी व्यवधानों या ध्यान भटकाने की कोशिशों से प्रभावित न होकर धैर्य और संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है। वे मंच पर खड़े- बैठकर चार-चार जिला अध्यक्षों को बुलाकर जमीन पर टिके रहने के व्यायाम दिखाते रहे और हर बार यह दोहराया कि असली ताकत नेताओं की भड़कीली परिक्रमा (दौड़-धूप) से नहीं, जनता के बीच जाकर स्थायी पकड़ बनाने से मिलती है।

शिविर का स्वर भाव पारिवारिक भी रहा—राहुल ने जिला अध्यक्षों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से भी बातचीत की, बच्चों और पत्नियों से उनके भविष्य और पढ़ाई के संबंध में सवाल पूछे तथा हर परिवार के साथ समूह तस्वीरें लीं। एक जिला अध्यक्ष ने कहा कि पहली बार ट्रेनिंग कैंप का माहौल ऐसा लगा जैसे परिवारिक समागम हो रहा हो न कि केवल राजनैतिक प्रशिक्षण। राहुल ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने उनके खिलाफ कहा, वे उनके गुरु हैं—उनकी आलोचना उन्हें मजबूत बनाती है—इस विचार को उन्होंने बार-बार दोहराया और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे विवादों से घबराएँ नहीं, जमीन पर काम करते रहें।

शिविर के आठवें दिन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सांसद शशिकांत सैंथिल और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने क्रमशः सत्र लिए और संगठन विस्तार, पंचायत स्तर तक पहुंच और कांग्रेस मिशन 2028 के रोडमैप पर चर्चा की। दिग्विजय सिंह ने वर्तमान राजनीतिक चुनौतियों और साम्प्रदायिक संगठनों से जुड़े जोखिमों पर प्रकाश डाला, शशिकांत सैंथिल ने वॉर रूम व पंचायत स्तर तक संगठन विस्तार की रणनीति समझाई और अशोक सिंह ने कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर समस्याओं से जुड़ने तथा उनका समाधान करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान कई जिला अध्यक्षों ने रिपोर्टिंग व मूल्यांकन को लेकर चिंता जताई कि उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों का सही तरीके से आकलन होगा या नहीं; इस पर राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि आप लोग अपनी चिंता छोड़ें और सिर्फ़ जनता के लिए काम करें—वह खुद निगरानी करेंगे और पार्टी उस हिस्से का ध्यान रखेगी। पूरे शिविर का स्वर यह रहा कि अनुशासन, जमीन से जुड़ाव और संगठनात्मक विस्तार को प्राथमिकता दी जाए और सादगी व पारिवारिक जुड़ाव को भी महत्व दिया जाए।