➤ लवी मेले में अश्व प्रदर्शनी में दूसरे दिन तक 187 घोड़ों का पंजीकरण
➤ किसान गोष्ठी में 100 पशुपालकों की भागीदारी, चिकित्सा किट वितरित
➤ लाहौल स्पीति के छेरिंग टुडूप का घोड़ा 84 हजार में बिका, कल अंतिम दिन प्रतियोगिताएं
लवी मेले के तहत रामपुर में आयोजित अश्व प्रदर्शनी का आकर्षण दूसरे दिन और भी बढ़ गया है। उपमंडल दण्डाधिकारी हर्ष अमरेंदर सिंह ने जानकारी दी कि पहले दिन जहां केवल 65 घोड़ों का पंजीकरण हुआ था, वहीं दूसरे दिन 02 नवंबर दोपहर 1 बजे तक यह संख्या बढ़कर 187 तक पहुंच गई। यह दर्शाता है कि पशुपालकों में इस पारंपरिक आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह है।
भारतीय सेना के रिमाउंट वेटनरी कॉर्पस (RVC) की टीम, 22 मोबाइल एवरी पट्टी और ब्रुक्स इंडिया लिमिटेड ने भी अपने-अपने उपचार शिविरों के माध्यम से अश्वों के स्वास्थ्य की जांच और उपचार किया। सुबह 11:30 बजे अश्वपालकों के लिए किसान गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें डॉ. समर चौहान, डॉ. चंदन राणा, शशांक शुक्ला (भारतीय सेना) और अन्य विशेषज्ञों ने घोड़ों के प्रबंधन, बीमारियों से रोकथाम, और उचित देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
ब्रुक्स इंडिया की टीम ने घोड़ों की नाल और खुर के रखरखाव पर लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया। इस गोष्ठी में लगभग 100 पशुपालकों ने भाग लिया, जिन्हें चिकित्सा किटें भी वितरित की गईं।
दिन के दौरान लाहौल-स्पीति के ग्राम बर्र निवासी छेरिंग टुडूप का घोड़ा 84 हजार रुपये में बिका, जिसे उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के देवेंद्र सिंह ने खरीदा। यह दिन का सबसे महंगा सौदा रहा।
आयोजन समिति के अनुसार, 03 नवंबर को प्रदर्शनी का अंतिम दिन होगा। इस दिन उत्तम अश्वों का चयन, घुड़दौड़ प्रतियोगिता, और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे मेले में उत्सव का माहौल और रोमांचक होगा।



