➤ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आनंद शर्मा के बयान का समर्थन किया
➤ सरकारी स्कूलों में 2002 के मुकाबले करीब 5 लाख नामांकन घटने की बात कही
➤ पहले चरण में 151 सरकारी स्कूलों को CBSE से जोड़ने का फैसला
शिमला में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की थी। मीडिया से बातचीत में रोहित ठाकुर ने कहा कि आनंद शर्मा पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, जो हमेशा तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर अपनी बात रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरे विश्व से जुड़ा विषय है और सभी देश स्थिति के जल्द सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।
रोहित ठाकुर ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का सबसे बड़ा असर ऊर्जा संकट के रूप में सामने आ रहा है। इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव विकासशील देशों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता बहाल होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका असर अर्थव्यवस्था से लेकर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है। यह बयान उन्होंने रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के भट्टाड़-ढाडी क्षेत्र के दौरे के दौरान दिया।
शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए मंत्री ने हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नामांकन में भारी गिरावट को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में पहली से आठवीं कक्षा तक करीब 9 लाख 70 हजार छात्र नामांकित थे, जो अब घटकर 4 लाख 2 हजार रह गए हैं। यानी करीब 5 लाख छात्रों की कमी दर्ज की गई है। इसी चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने पहले चरण में 151 सरकारी स्कूलों को CBSE से संबद्ध करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि राज्य के करीब 2000 सरकारी स्कूलों में से चयनित स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके तहत पहली कक्षा से अंग्रेजी भाषा की शुरुआत, स्मार्ट ड्रेस, आधुनिक शिक्षण सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के मुकाबले अधिक आकर्षक और प्रतिस्पर्धी बनाना है, ताकि नामांकन में फिर से बढ़ोतरी हो सके।
शिक्षा विभाग में ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर भी मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से ट्रांसफर नीति के पक्षधर हैं, लेकिन इसे सर्वसम्मति (कंसेंसस) के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस विषय पर सदन में विपक्षी सदस्यों से भी चर्चा की गई है। देश के कई अन्य राज्यों में ट्रांसफर पॉलिसी लागू है, इसलिए हिमाचल में भी इसे अपनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
अपने क्षेत्रीय दौरे के दौरान रोहित ठाकुर ने कई विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से बने सेकेंडरी स्कूल भवन को जनता को समर्पित किया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र के बड़े गांव भट्टाड़ में सामुदायिक केंद्र और लंबे समय से सड़क की प्रतीक्षा कर रहे नढाल गांव के लिए सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत की गई है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के पांच वर्षों में क्षेत्र में विकास कार्य ठप पड़े रहे, जबकि वर्तमान सरकार ने फिर से विकास कार्यों को गति दी है।



