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शिमला में दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद शाम को युकां कार्यकर्ताओं को ले गई दिल्ली पुलिस

एआई शिखर सम्मेलन विरोध मामले में रोहड़ू से तीन युवा कांग्रेस पदाधिकारी पकड़े
■ बिना स्थानीय सूचना व वारंट कार्रवाई का आरोप, धर्मपुर में नाके पर रोकी गई गाड़ियां
■ डीजीपी की सीएम से मुलाकात, सियासी बयानबाज़ी तेज


नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन प्रकरण ने अब बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में कथित रूप से शामिल तीन युवा कांग्रेस पदाधिकारियों को दिल्ली पुलिस ने जिला शिमला के रोहड़ू क्षेत्र से हिरासत में लिया, लेकिन उन्हें लेकर जा रही टीम को हिमाचल पुलिस ने नाकाबंदी कर रोक दिया। धर्मपुर और शोघी बैरियर पर हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। पूरा दिन चले हाईवोल्‍टेज ड्रामे  के बाद आखिर दिल्‍ली पुलिस तीनों पदाधिकारियों को अपने साथ ले गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार 23 फरवरी को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रहने वाले तीन युवक—अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ—रोहड़ू के बडियारा स्थित एक निजी होटल में ठहरे थे। होटल में कमरा एक स्थानीय युवा कांग्रेस नेता के नाम से बुक बताया गया। 24 फरवरी की सुबह करीब पांच बजे वर्दीधारी दिल्ली पुलिसकर्मी होटल पहुंचे और स्टाफ को कमरा खोलने के निर्देश दिए। इसके बाद तीनों युवकों को अपने साथ ले जाया गया। होटल का रजिस्टर और कुछ दस्तावेज भी टीम साथ ले गई।

घटना की सूचना मिलते ही शिमला पुलिस ने नाकाबंदी कर दी। सुबह करीब दस बजे शोघी बैरियर पर दिल्ली पुलिस की दो गाड़ियों को रोका गया, जबकि एक अन्य वाहन आगे निकल गया, जिसे सोलन जिले के धर्मपुर में दोपहर के समय पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि टीम में पांच से छह पुलिसकर्मी वर्दी में और कुछ सादे कपड़ों में थे। बाद में दिल्ली पुलिस के कर्मियों को लेकर पुलिस टीम शिमला स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंची, जहां एसीजेएम कोर्ट नंबर-2 में उन्हें पेश किया गया।

हिमाचल पुलिस का दावा है कि किसी भी दूसरे राज्य की पुलिस को कार्रवाई से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना अनिवार्य होता है। साथ ही वैध वारंट, स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी और वीडियोग्राफी जैसी प्रक्रियाएं जरूरी हैं। पुलिस के अनुसार इन औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया, इसलिए कार्रवाई को अवैध मानते हुए हस्तक्षेप किया गया।

इस घटनाक्रम के बाद डीजीपी अशोक तिवारी ने राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर पूरी जानकारी दी। पुलिस मुख्यालय में उच्च अधिकारियों और खुफिया विभाग के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। एसपी शिमला और सोलन से भी लगातार फीडबैक लिया गया।

इससे पहले रविवार शाम दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में भी दिल्ली पुलिस के पहुंचने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि बिना वारंट और महिला पुलिसकर्मी के टीम एक युवती के कमरे में आधी रात पहुंची, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। मुख्यमंत्री ने भी इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया। वहीं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि एआई समिट में देश की छवि धूमिल करने वालों को प्रदेश सरकार संरक्षण दे रही है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अब यह मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दो राज्यों के बीच अधिकार और प्रक्रिया के पालन को लेकर बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक प्रश्न बन गया है।

 

कुलदीप राठौर ने दिल्ली हिमाचल सदन में पुलिस की एंट्री को बताया गलत


दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन का राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने समर्थन किया है।कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन प्रभावी रहा। युवा कार्यकर्ताओं ने US ट्रेड डील के ख़िलाफ़ अपना रोष व्यक्त किया। इसके बाद दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में पुलिस ने देर रात ग़लत तरीक़े से एंट्री लेकर गिरफ़्तारी करने की कोशिश की गई।पुलिस वहां बिना वॉरंट पहुंची थी।राठौर ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस पर हिमाचल की पुलिस सख़्त कार्रवाई अमल में लाए।

कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि आज देश में एक इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है कि अगर देश की सरकार के ख़िलाफ प्रदर्शन किया जाए तो इसे देश के ख़िलाफ बताया जाता है। देश के ख़िलाफ़ AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के ब्लॉक दर्शाया गया चाइनीज़ रोबोट था।इसकी वजह से देश का नाम विश्वभर में ख़राब हुआ। अप्सटिन फाइल्स में क्या क्या निकल कर आ रहा है।भारतीय जनता पार्टी के नेता इस कृत्य के बारे में तो कोई बात नहीं करते, लेकिन उन्हें सिर्फ़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन नज़र आता है।