➤ 24वें बाल मेले को जनसेवा का सबसे बड़ा अभियान बनाने का आह्वान
➤ स्वर्गीय जी.एस. बाली के सेवा-संकल्प को आगे बढ़ाने का संकल्प
➤ आरएस बाली बोले- यह मेला नहीं, जनता के विश्वास और सेवा का महायज्ञ है
नगरोटा बगवां। विकास पुरुष स्वर्गीय जी.एस. बाली के जन्मदिवस (27 जुलाई) के अवसर पर आयोजित होने वाले 24वें बाल मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न समितियों के सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बाल मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वर्गीय जी.एस. बाली की जनसेवा, सामाजिक सरोकार और मानवता की सोच का जीवंत प्रतीक है। इसे और अधिक भव्य एवं जनहितकारी बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
आरएस बाली ने कहा कि स्वर्गीय जी.एस. बाली ने वर्ष 2003 में जिस उद्देश्य से बाल मेले और मेडिकल कैंप की शुरुआत की थी, आज वही संकल्प हजारों परिवारों की उम्मीद बन चुका है। उनका सपना था कि क्षेत्र के लोगों को बड़े महानगरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं अपने घर के पास निशुल्क उपलब्ध हों और बच्चों को सीखने, खेलने तथा आगे बढ़ने का अवसर मिले। आज पूरा परिवार उसी संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि 24 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह मेडिकल कैंप हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा निशुल्क स्वास्थ्य शिविर बन चुका है। हर वर्ष दो दिनों में लगभग 7 हजार मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार और परामर्श प्राप्त करते हैं। इसमें नेत्र रोग, कान-नाक-गला, हृदय रोग, किडनी, मधुमेह, हड्डी रोग, त्वचा रोग, न्यूरोलॉजी, बाल रोग, दंत चिकित्सा, आयुर्वेद सहित अनेक विशेषज्ञ सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। जरूरतमंद मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन, मुफ्त चश्मे, हियरिंग एड तथा अन्य चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
आरएस बाली ने कहा कि दिल्ली एम्स, मैक्स अस्पताल, आईआईटी दिल्ली, फोर्टिस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा, सुंदरनगर मेडिकल कॉलेज तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सक इस शिविर में अपनी सेवाएं देते हैं। उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली की टीम दृष्टिबाधित लोगों के लिए विकसित नवीनतम तकनीकी उपकरण और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराती है, जिससे दिव्यांगजन आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि बाल मेले का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ना है। इसी सोच के तहत रक्तदान शिविर, रोजगार मेला, स्वास्थ्य शिविर, बच्चों की गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है।
रोजगार मेले का उल्लेख करते हुए आरएस बाली ने कहा कि इस वर्ष 30 से अधिक राष्ट्रीय स्तर की कंपनियां भाग ले रही हैं और करीब 3600 रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें डॉ. रेड्डीज, टीवीएस, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, क्लब महिंद्रा, सिप्ला जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि केवल सरकारी नौकरी का इंतजार न करें बल्कि निजी क्षेत्र के अवसरों का भी लाभ उठाएं, क्योंकि अनुभव भविष्य में और बेहतर अवसर प्रदान करता है।
बैठक में आरएस बाली ने स्वर्गीय जी.एस. बाली के विकास कार्यों को याद करते हुए कहा कि नगरोटा बगवां में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, आईटीआई, डिग्री कॉलेज, पर्यटन परियोजनाएं, सड़कें, पार्किंग, मॉडल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, छात्रावास और अन्य विकास कार्य उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्रेरणा से आज भी विकास की गति निरंतर जारी है और जनता के विश्वास को कभी टूटने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विकास पुरुष जी.एस. बाली का सपना केवल भवन बनाना नहीं बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव लाना था। उसी भावना के साथ आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और सामाजिक सेवा के हर क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि बाल मेले को सेवा, सहयोग और जनभागीदारी का उत्सव बनाएं, ताकि हर जरूरतमंद तक इसका लाभ पहुंच सके।
अपने संबोधन के अंत में आरएस बाली ने कहा कि बाल मेला किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता का आयोजन है। इसकी सफलता में प्रत्येक स्वयंसेवक, अधिकारी, चिकित्सक, संस्था, मीडिया और नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि 27 जुलाई को आयोजित होने वाले बाल मेले को ऐतिहासिक सफलता दिलाने के लिए पूरे मन से सहयोग करें और विकास पुरुष स्वर्गीय जी.एस. बाली की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाएं।



