➤ कांगड़ा के सिंबल गांव के साहिल राणा भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट बने
➤ पहले प्रयास में CDS उत्तीर्ण, INA एझिमाला में 1.5 वर्ष का कठोर प्रशिक्षण पूरा किया
➤ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री तैनाती में सेशेल्स, मोजाम्बिक, केन्या सहित कई देशों का दौरा
कांगड़ा— बैजनाथ उपमंडल के सिंबल गांव के साहिल राणा ने भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्हें यह सम्मान 29 नवंबर 2024 को केरल के एझिमाला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी (INA) में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में मिला। इस गौरवपूर्ण पल का साक्षी बनने के लिए उनके माता–पिता और बहन मौजूद रहे। उनके पिता 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज के पूर्व सैनिक हैं और मानद कैप्टन के रूप में सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
साहिल राणा की यात्रा अनुकरणीय मानी जा रही है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा उत्तीर्ण की और जनवरी 2024 में SSB कोलकाता से सिफारिश प्राप्त की। जून 2024 में उन्होंने INA में दाखिला लेकर भविष्य के नौसेना अधिकारियों को तैयार करने के लिए डिज़ाइन किए गए 1.5 वर्षीय कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की।

प्रशिक्षण के अंतिम छह महीनों में साहिल ने एक अंतर्राष्ट्रीय समुद्री तैनाती में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने नौसैनिक युद्धपोतों पर ऑपरेशनल अनुभव प्राप्त किया और सेशेल्स, फ्रेंच रीयूनियन, मोजाम्बिक और केन्या जैसे देशों का दौरा किया। इससे उन्हें अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सहयोग और नौसैनिक अभियानों की गहरी समझ मिली।
साहिल राणा आर्मी पब्लिक स्कूल, योल कैंट के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ से बी.टेक किया है। कॉलेज के दौरान वह NCC नेवल विंग के सक्रिय सदस्य रहे और प्रतिष्ठित यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत वियतनाम में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले देशभर के 13 कैडेटों में शामिल रहे।
साहिल बताते हैं कि उनमें देशभक्ति की भावना परिवार से मिली है। उनके पिता की फौजी पृष्ठभूमि और मार्गदर्शन ने उन्हें नौसेना में करियर चुनने के लिए प्रेरित किया। सब-लेफ्टिनेंट साहिल राणा की यह उपलब्धि हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है—यह दर्शाते हुए कि मेहनत और दृढ़ता से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।



