➤ सांगला घाटी के रक्छम, बटशेरी और छितकुल को पर्यटन की दृष्टि से किया जाएगा विकसित
➤ बटशेरी–रक्छम साइक्लिंग/नेचर ट्रैक का डीसी किन्नौर ने किया निरीक्षण
➤ ट्रैक से स्थानीय लोगों को रोजगार, बर्ड वॉचिंग और इको गाइड सुविधा मिलेगी
किन्नौर जिला की सांगला घाटी को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार (आईएएस) ने गुरुवार को बटशेरी से रक्छम तक प्रस्तावित साइक्लिंग ट्रैक/नेचर ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैक पर बनने वाली वॉच टावर, गज़ीबो और अन्य पर्यटन सुविधाओं के लिए चयनित स्थलों का भी जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान बर्ड वॉचिंग गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें 10 से 15 पक्षी प्रजातियां देखी गईं। वन्यप्राणी परिक्षेत्र सांगला की टीम ने ट्रैक क्षेत्र में पाए जाने वाले वन्यजीवों और जैव विविधता की जानकारी दी। अधिकारियों ने ट्रैक पर विकसित की जाने वाली व्यवस्थाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. अमित कुमार ने कहा कि यह परियोजना राजस्व, बागवानी एवं शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो भविष्य में सांगला घाटी के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रैक के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए ट्रैक पर ट्रेंड इको गाइड की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि सैलानियों को सुरक्षित और जानकारीपूर्ण अनुभव मिल सके। साथ ही, ट्रैक पर बर्ड वॉचिंग गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, जिससे पर्यटक क्षेत्र की समृद्ध पक्षी प्रजातियों से परिचित हो सकें।
उप अरण्यपाल सराहन अशोक कुमार नेगी (आईएफएस) ने जानकारी दी कि पर्यटकों के लिए प्रस्तावित सभी सुविधाओं जैसे वॉच टावर और गज़ीबो के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा, ताकि आगामी पर्यटन सीजन में रक्छम और छितकुल को विकसित पर्यटन स्थल के रूप में तैयार किया जा सके।



