➤ शिमला में महिला हिंसा के विरोध में जोरदार प्रदर्शन
➤ भाजपा विधायक हंसराज के इस्तीफे की मांग तेज
➤ पीड़ित युवती को सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग उठी
शिमला में मंगलवार को जनवादी महिला समिति ने डीसी ऑफिस के बाहर जोरदार नारेबाज़ी करते हुए विरोध दर्ज कराया। समिति का कहना है कि चुराह विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक हंसराज पर यौन हिंसा का आरोप लगाने वाली युवती को अब तक पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं की गई है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। समिति ने आरोप लगाया कि सुरक्षा की कमी से पीड़ित युवती को किसी भी समय खतरा हो सकता है और यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण है।
महिला समिति ने डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर तुरंत और कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। समिति की मांग है कि विधायक हंसराज को पद से हटाया जाए ताकि जांच किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में देरी न केवल पीड़िता के साथ अन्याय है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती है।
राज्य सचिव फाल्मा चौहान ने कहा कि पीड़ित युवती को तुरंत प्रभाव से पुलिस सुरक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वह निर्भय होकर न्याय प्रक्रिया में शामिल हो सके। उन्होंने बताते हुए कहा कि समिति ने मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सेवा निवृत्त वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठन की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया को किसी भी तरह की राजनीतिक या प्रशासनिक दखलअंदाजी से मुक्त रखना सबसे आवश्यक है।
फाल्मा चौहान ने भाजपा नेतृत्व से आग्रह किया कि वह विधायक हंसराज का तुरंत इस्तीफा ले और उनकी बेल रद्द की जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले में जल्द और दृढ़ कदम नहीं उठाती है, तो समिति आंदोलन को और अधिक तेज करेगी।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को अत्यधिक गंभीरता से लेते हुए व्यवस्थित और कड़े कदम उठाए जाएं।



