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कार्यसमिति बैठक में सीएम सुक्खू ने लोकतंत्र और संविधान पर रखी बात, चुनावी प्रक्रिया पर भी चर्चा

➤ सीडब्ल्यूसी बैठक में लोकतंत्र और संविधान पर चर्चा
➤ सुक्खू ने मतदाता के भरोसे को बताया अहम आधार
➤ चुनावी प्रक्रिया और आगामी चुनावों की रणनीति पर मंथन


शिमला/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में लोकतंत्र, संविधान, चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और आगामी चुनावों की तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बैठक के बाद अपने सार्वजनिक बयान में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज और मतदाता का भरोसा महत्वपूर्ण है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को गंभीरता से लेने और मतदाता के अपने मताधिकार पर विश्वास को बनाए रखने की बात कही।

मुख्यमंत्री सुक्खू के अनुसार लोकतंत्र का आधार जनता की भागीदारी और उसकी पसंद का सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता को अपने वोट पर भरोसा होना चाहिए और उसे अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। सुक्खू ने संविधान को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला बताते हुए कहा कि उसमें दिए गए अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा नागरिकों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

चुनावी प्रक्रिया को लेकर चर्चा

कांग्रेस कार्यसमिति की यह बैठक ऐसे समय हुई, जब मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा में हैं। बैठक से पहले उपलब्ध रिपोर्टों में भी सीडब्ल्यूसी के एजेंडे में चुनाव आयोग से संबंधित विषयों और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा की बात सामने आई थी।

सुक्खू ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया है और इसमें जनता के विश्वास को महत्व दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार मतदाता को अपने मत के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भरोसा होना जरूरी है। ये मुख्यमंत्री के सार्वजनिक रूप से व्यक्त किए गए विचार हैं।

संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सुक्खू का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। उनके अनुसार संविधान में नागरिकों को दिए गए अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक तथा लोकतांत्रिक संस्था का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी राजनीतिक भूमिका जारी रखेगी।

कांग्रेस की आधिकारिक संरचना में कांग्रेस कार्यसमिति पार्टी की प्रमुख संस्थाओं में शामिल है। पार्टी के संविधान के अनुसार कार्यसमिति में अध्यक्ष समेत विभिन्न पदों और सदस्यों की व्यवस्था निर्धारित है।

आगामी चुनावों की तैयारियों पर भी मंथन

बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। राज्यों में पार्टी संगठन की स्थिति, चुनावी रणनीति और संभावित राजनीतिक समन्वय जैसे विषय बैठक के एजेंडे में शामिल बताए गए। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले रिपोर्टों में आगामी चुनावों और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की रणनीति पर मंथन की जानकारी सामने आई थी।

सुक्खू की दिल्ली यात्रा हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ी चर्चाओं के बीच भी हुई। इससे एक दिन पहले सामने आई रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को साथ लेकर दिल्ली पहुंचे थे और कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी की रणनीति पर चर्चा प्रस्तावित थी। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर किसी अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि उस रिपोर्ट में नहीं थी।

चुनाव और लोकतंत्र पर कांग्रेस की आगे की रणनीति

कार्यसमिति की बैठक में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की आगे की भूमिका पर विचार किया गया। इस दौरान मतदाता का विश्वास, चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन व्यवस्था से संबंधित विषय चर्चा के केंद्र में रहे। कांग्रेस की ओर से इन मुद्दों पर जो दावे और सवाल उठाए जा रहे हैं, वे पार्टी की राजनीतिक स्थिति के रूप में देखे जाने चाहिए।

वहीं, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, हाल की एक रिपोर्ट में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर विपक्षी प्रतिक्रिया दर्ज की गई है, जिसमें इसे निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया बताया गया।

इस तरह मंगलवार की कार्यसमिति बैठक में लोकतंत्र, संविधान, मतदाता के भरोसे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बैठक के बाद इन्हीं विषयों को लेकर अपने विचार सार्वजनिक किए और कहा कि जनता की आवाज तथा उसके मताधिकार का सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है।