हाईकोर्ट ने प्रदेश में रेलवे की सम्पत्तियों के संरक्षण में लापरवाह रेलवे अधिकारियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी रेलवे भूमि का संरक्षण करना तो दूर उलटे हाईकोर्ट द्वारा रेलवे भूमि को अवैध कब्जा मुक्त करने के दिए गए आदेशों को निष्क्रिय करने में लगे हुए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने रेलवे अधिकारियों की इस नाकामी को रेलवे मंत्री के समक्ष रखने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने खेद व्यक्त किया है कि रेलवे अधिकारी हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद रेलवे की सम्पत्तियों को अवैध कब्जाधारियों से मुक्त नहीं करवा रहे हैं।
पालमपुर में बन रहे अवैध शॉपिंग मॉल को तुरंत हटाएं
बता दें कि हाईकोर्ट ने डी.सी. कांगड़ा को आदेश दिए थे कि वह पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ मुहाल रौड़ी मौजा खलेट तहसील पालमपुर में बनाए जा रहे अवैध शॉपिंग मॉल को तुरंत हटाएं। कोर्ट ने रेलवे चेयरमैन को निजी हलफनामा दायर कर रेलवे ट्रैक कालका-शिमला, पठानकोट-जोगिंद्रनगर और नंगल-तलवाड़ा पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए उठाए गए कदमों को स्पष्ट करने के आदेश भी दिए हैं।



