➤वासुदेव द्वादशी व्रत से शुभ फल मिलने का योग
➤सोमवार को शिव-पार्वती की पूजा से दरिद्रता दूर होगी
➤आज सर्वार्थ सिद्धि योग में कार्य करने से सफलता सुनिश्चित
आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जिसे वासुदेव द्वादशी के नाम से जाना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु के वासुदेव स्वरूप को समर्पित होता है। सोमवार के दिन का विशेष महत्व भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना से भी जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजा करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं, घर में सुख-समृद्धि आती है और कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है।
आज अनुराधा नक्षत्र, शुभ योग, बव करण तथा वृश्चिक राशि का चंद्रमा रहेगा। पंचांग के अनुसार सोमवार को शिवजी को जल चढ़ाना, बेलपत्र, गंगाजल, चंदन और धतूरा अर्पित करना अत्यंत पुण्यकारी है। माता पार्वती को सिंदूर, सुगंधित चंदन और लाल वस्त्र चढ़ाकर श्रृंगार करना चाहिए।
आज के दिन के शुभ योग व मुहूर्त इस प्रकार हैं:
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सर्वार्थ सिद्धि योग: 05:56 AM से 10:42 PM
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अमृत काल: 01:43 PM से 03:29 PM
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ब्रह्म मुहूर्त: 04:10 AM से 04:50 AM
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अभिजीत मुहूर्त: 11:59 AM से 12:55 PM
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विजय मुहूर्त: 02:46 PM से 03:41 PM
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गोधूलि मुहूर्त: 07:22 PM से सूर्यास्त तक
आज के अशुभ मुहूर्त:
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राहुकाल: 07:15 AM से 08:59 AM
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यमगण्ड: 10:43 AM से 12:27 PM
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गुलिक काल: 02:11 PM से 03:55 PM
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दुष्टमुहूर्त: 12:53 PM से 01:53 PM
दिशाशूल पश्चिम की ओर रहेगा, अतः यात्रा सावधानी से करें।
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय:
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सूर्योदय: 05:31 AM
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सूर्यास्त: 07:23 PM
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चन्द्रोदय: 04:36 PM
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चंद्रास्त: 02:51 AM (8 जुलाई)
विशेष सलाह:
वासुदेव द्वादशी व्रत में विष्णु सहस्रनाम का पाठ अवश्य करें और सोमवार के दिन शिव-पार्वती की संयुक्त आरती संध्या में करें।



