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ऊना में 1000 करोड़ के पेयजल व सिंचाई कार्य प्रगति पर : अग्निहोत्री

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ऊना में करीब 1000 करोड़ रुपये की पेयजल और सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर
233 पेयजल और 595 सिंचाई योजनाएं पूरी, 18,796 हेक्टेयर भूमि को लाभ
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने लंबित कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश



ऊना जिले में पेयजल और सिंचाई सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य जारी हैं। जल शक्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों और किसानों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिले में इस समय करीब 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जो आने वाले समय में ऊना के जल प्रबंधन ढांचे को नई मजबूती देंगी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं में लगभग 550 से 600 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाएं शामिल हैं, जबकि 350 से 400 करोड़ रुपये के सिंचाई कार्य विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे हैं। उन्होंने लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने और नई परियोजनाओं के प्रस्ताव समय पर तैयार करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से भभौर साहिब से पोलियां बीत तक 175 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि मार्च 2026 तक जिले में 233 पेयजल योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 54 योजनाओं पर अभी कार्य जारी है। इसी प्रकार 595 सिंचाई योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जिनसे जिले की 18,796 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिली है। इसके अलावा 67 नई सिंचाई योजनाएं निर्माणाधीन हैं, जो कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी राहत साबित होंगी।

जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए जिले में अब तक 3,266 हैंडपंप स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 7 सीवरेज (मल निकासी) योजनाएं भी प्रगति पर हैं। एडीबी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 19 योजनाओं में से 7 पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 22.74 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही संतोषगढ़ सीवरेज योजना के शेष कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना क्षेत्र में स्वच्छता और बेहतर सीवरेज सिस्टम सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

जल शक्ति विभाग की समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में करीब 600 ट्यूबवेल संचालित हैं। जिन ट्यूबवेलों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है, उनके लिए समेकित डीपीआर तैयार कर रिमॉडलिंग की जाएगी। साथ ही सभी ट्यूबवेलों को री-नंबरिंग कर विधानसभा-वार अद्यतन डेटा तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में वैज्ञानिक और व्यवस्थित जल प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा, प्रमुख अभियंता परियोजना धर्मेंद्र गिल, चीफ इंजीनियर रोहित दुबे, अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान समेत जल शक्ति विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।