पुलिस थाना ऊना के तहत स्कूल बसों में ओवरलोडिंग करने पर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को अभिभावकों ने बसों में बच्चों की ओवरलोडिंग होने पर निजी स्कूल की दो बसों को रोककर खूब हंगामा कर दिया। इन बसों में बच्चो को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। नाराज अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही अविभावकों ने ऊना सदर से कांग्रेस के विधायक सतपाल रायजादा को फोन कर मौके पर बुलाया।
विधायक सतपाल रायजादा ने अभिभावकों द्वारा सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों को फोन कर ओवरलोडिंग करने वाले स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई करने को कहा। विधायक के दखल के बाद यातायात पुलिस मौका पर पहुंची और दोनों बसों के दस्तावेज जांचने के बाद बसों को जब्त कर लिया। वहीं बसों में सवार बच्चों को स्कूल से अन्य तीन बसें मंगवाकर उसमें भेजा गया।
विधायक सतपाल रायजादा ने कहा कुछ समय पहले कांगड़ा के नूरपुर में एक बड़ा हादसा पेश आया था, जिसके बावजूद सरकार और प्रशासन सबक नहीं ले रहे हैं। विधायक सतपाल रायजादा ने कहा कि समाज का दायित्व बनता है कि अगर बसों में इस तरह बच्चों को ले जाया जा रहा है तो तत्काल उनके खिलाफ आवाज उठाएं।
वहीं, इस मामले में आरटीओ ने भी कड़ा संज्ञान लिया है और ज़िले में स्कूल बसों में ओवरलोडिंग के मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आरटीओ एमएल धीमान का कहना है कि इस मामले में अभियान शुरु किया जाएगा। सभी स्कूलों को पहले भी निर्देश दिए गए थे। इन स्कूलों को परिवहन विभाग की गाइडलाइंस का पालन करना होगा। अविभावकों का आरोप है कि जो बस 40 सीटों की है उसमें 50 से 55 बच्चे कैसे बैठ सकते हैं। प्रदेश में हुए बस हादसों से स्कूल प्रबंधकों को सबक लेना चाहिए।



