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‘श्रद्धांजलि’ के नाम पर मांगा प्रतिभा सिंह के लिए वोट, सोशल मीडिया पर घिरे विक्रमादित्य

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शिमला। कांग्रेस हाईकमान ने मंडी संसदीय सीट से उपचुनाव के लिए प्रतिभा सिंह का नाम फाइनल कर दिया है। प्रतिभा सिंह के नाम पर मुहर लगते ही कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली, जिसमें वो पूर्व मुख्यमंत्री एवं अपने पिता स्व. वीरभद्र सिंह के नाम पर वोट मांगते नजर आए।

विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट लिखा, ‘वोट नहीं श्रद्धांजलि’। इसे लेकर लोगों ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए इसे स्व. वीरभद्र सिंह का अपमान बताया। लोगों ने कमेंट बॉक्स में साफ लिखा कि हम राजा जी के कामों का श्रेय राजा जी को देते हैं। वो पूरा हिमाचल मानता है, लेकिन श्रद्धांजलि के नाम पर वोट मांगना उस पवित्र आत्मा का अपमान है।

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यही नहीं कांग्रेस हाईकमान की ओर से जारी की गई लिस्ट में प्रतिभा सिंह के नाम के साथ वीरभद्र सिंह को जोड़कर प्रतिभा वीरभद्र सिंह लिखा गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब चुनावी मैदान में उतरी प्रतिभा सिंह ने स्व. वीरभद्र का नाम अपने नाम के साथ जोड़ा है। हालांकि, पूर्व में भी प्रतिभा सिंह कई बार चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन इससे पहले कभी भी उन्होंने अपने नाम के साथ ‘वीरभद्र सिंह’ नहीं जोड़ा था।

कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह और मंडी से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह की सहानुभूति बटोरने की राजनीति को देख कांग्रेस के अपने ही लोग उन पर तंज कस रहे हैं। इसके साथ ही आम लोग भी उन्हें अपने काम के नाम पर वोट मांगने की सलाह दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने जवाब देते हुए लिखा, ‘एक के कार्य का श्रेय दूसरा क्यों ले, यदि प्रतिभा सिंह में दम है तो वह जहां की पहले भी सांसद रही हैं, उसी मंडी लोकसभा क्षेत्र में अपने पूर्व के कार्यों के आधार पर वोट मांगिए। सांत्वना और श्रद्धांजलि के नाम पर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ मत किजिए।’

एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘मौत पर भी सियासत, शर्म आनी चाहिए ऐसी पोस्ट डालते हुए। इस हिसाब पता नहीं राजा साहब के नाम पर इलेक्श तक क्या-क्या करोगे।

वहीं पर कई सोशल मीडिया यूजर ने प्रतिभा सिंह को टिकट देने के फैसले का स्वागत करते हुए उनकी जीत की उम्मीद जताई। कुल मिलाकर विक्रमादित्य सिंह द्वारा डाली गई इस पोस्ट पर ज्यादातर लोगों में तल्खी दिखी और वह श्रद्धांजलि और सांत्वना से वोट पाकर जीतने के बजाए अपने काम के बलबूते पर चुनाव लड़ने की नसीहत देते नजर आए।