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Live: ऑपरेशन 1:05 AM से 1:30 AM तक चला और इसमें सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, पाकिस्तानी सेना या आम नागरिकों को नहीं : सेना

  • एयरस्ट्राइक का वीडियो जारी, सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो महिला अफसर शामिल
  • ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी आम नागरिकों को नहीं बनाया गया निशाना
  • विदेश सचिव बोले- आतंकियों को न्याय दिलाना ज़रूरी था, PoK में 9 टारगेट तबाह
  • पिछले 10 साल में 600 जवान शहीद, पाकिस्तान आतंक की शरणस्थली बना
  • मरकज तैयबा और जैश जैसे आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया

Operation Sindoor: बुधवार सुबह 10:30 बजे सेना की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक की जानकारी दी गई। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर के 2 मिनट के वीडियो से हुई, जिसमें भारतीय वायुसेना की सटीक कार्रवाई दिखाई गई।

देश के इतिहास में पहली बार सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो महिला अफसर—कर्नल सोफिया कुरैशी (आर्मी) और विंग कमांडर व्योमिका सिंह (एयरफोर्स)—साझा रूप से मीडिया को जानकारी देती दिखीं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन 1:05 AM से 1:30 AM तक चला और इसमें सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, पाकिस्तानी सेना या आम नागरिकों को नहीं।

विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में निर्दोष नागरिकों को परिवार के सामने गोली मारी गई। इस हमले का उद्देश्य कश्मीर के विकास को रोकना और सांप्रदायिक तनाव फैलाना था। हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली है, जो UN द्वारा प्रतिबंधित और लश्कर से जुड़ा संगठन है। TRF का इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित आतंकियों के लिए कवर के रूप में किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि हमने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग किया, ताकि भविष्य में आतंकी हमलों को रोका जा सके। यह ऑपरेशन सटीक और जिम्मेदारीपूर्ण रहा।

पिछले 10 सालों में सीमा पार से हुए आतंकी हमलों में 600 जवान शहीद, 350 नागरिक मारे गए और 1,400 से ज्यादा सुरक्षा कर्मी घायल हुए हैं।

इस ऑपरेशन में भारत ने PoK और पाकिस्तान के कुल 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। जिन टारगेट्स को तबाह किया गया, उनमें शामिल हैं:

  • सवाई नाला, मुजफ्फराबाद – लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर

  • सैयदना बिलाल कैंप – हथियार और सर्वाइवल ट्रेनिंग सेंटर

  • गुरपुर, कोटली – पुंछ हमले के आतंकियों का प्रशिक्षण केंद्र

  • सरजल कैंप, सियालकोट – मार्च 2025 के पुलिस हत्याकांड से जुड़ा

  • महमूना जाया कैंप, सियालकोट – हिजबुल का प्रमुख अड्डा

  • मरकज तैयबा, मुरीदके – अजमल कसाब और हेडली की ट्रेनिंग का स्थान

  • मरकज सुभानअल्लाह, भावलपुर – जैश का मुख्यालय, रिक्रूटमेंट सेंटर

सेना ने स्पष्ट किया कि रिहायशी इलाकों को नहीं निशाना बनाया गया और कोई नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है।