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सदन में गरमाया चंबा सीमेंट प्लांट का मुद्दा, जबाब से असंतुष्ठ विपक्ष ने किया हंगामा

पी. चंद, शिमला |

चिन्तपूर्णी के बीजेपी विधायक बलबीर सिंह ने सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता मंत्री से सवाल करते हुए पूछा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति उपयोजना के विकास कार्यों की धनराशि को कहां खर्च किया जा रहा है? और इस धन को अन्य मदों में कहां स्थानांतरित किया जा रहा है? इस राशि को खर्च करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?

जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राजीव सहजल ने बताया कि किन्हीं कारणों से अनुसूचित जाति उपयोजना का धन खर्च नहीं किया जा सका। इस मद का धन किसी अन्य जगह में खर्च करने का प्रावधान नहीं है। इस मद की योजनाओं की धनराशि इसी मद में व्यय हेतु राज्य और जिला स्तरीय समीक्षा एवं मूल्यांकन समितियों का गठन किया गया है।

विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने उठाया चंबा सीमेंट प्लांट का मामला

विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने उद्योग मंत्री से पूछा कि चंबा में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट को स्थापित करने हेतु सरकार ने कितनी बार निविदाएं आमंत्रित की हैं? इस प्लांट के लिए कितनी कंपनियों ने आवेदन किया और प्लांट को स्थापित करने के लिए सरकार ने कोई परिवर्तन किया है? अग्निहोत्री ने पूछा कि उद्योग मंत्री ऐसा क्यों कहते रहे कि अक्टूबर माह में प्लांट का शिलान्यास किया जाएगा? साथ मे 26 किलोमीटर सड़क बनाने की हामी क्यों भरी?

सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने बताया कि चंबा में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट को स्थापित करने हेतु सरकार ने 21-8-18 और 1-12-2018 को दो बार निविदाएं आमंत्रित की । विभाग द्वारा खनन पट्टे की प्रथम नीलामी में किसी भी कंपनी ने आवेदन नहीं किया। इसमें तीसरी बार फिर से टेंडर आमंत्रित किए थे, लेकिन किसी भी कंपनी द्वारा टेंडर नहीं भरा गया। विक्रम ठाकुर ने बताया कि टेंडर होने की सूरत में उन्होंने कहा था कि इसका शिलान्यास किया जाएगा। इसमें कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी। रही सड़क की बात तो ये प्लांट को लगाने के लिए निवेशक आएं इस लिहाज़ से की थी।

इस सवाल में डलहौज़ी की विधायक आशा कुमारी ने पूछा कि क्या विभाग ने इस प्लांट के टेंडर से पहले उस जगह का सर्वे किया? क्योंकि जिस जगह प्लांट लगना है उसके आसपास रिज़र्व फोरेस्ट है वहां कभी प्लांट लग नहीं सकता फिर सरकार वहां सड़क क्यों बनाई जा रही है?

सुखविंदर सिंह सुख्खू ने इस सवाल को आगे बढ़ाते हुए पूछा कि पहले ही हिमाचल में जो सीमेंट प्लांट लगे हैं उनसे हिमाचल को क्या लाभ हो रहा है? सीमेंट हिमाचल में महंगा मिल रहा है? स्वास्थ्य हिमाचल के लोगों का खराब हो रहा है?

इस बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को आए हुए अभी एक साल हुआ है। सरकार की मंशा चंबा के क्षेत्र को विकास की राह पर ले जाने की है। सीमेंट प्लांट ही ऐसा कारखाना है। जो बेरोजगारी दूर कर सकता है। इस पर विपक्ष को क्या एतराज़ हैं।

इस जबाब से असंतुष्ठ विपक्ष ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया और सदन के अंदर नारेबाज़ी शुरू कर दी।

इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल समाप्ति की घोषणा कर दी और विपक्ष सदन में शांत बैठ गया।