Follow Us:

राजधानी में पानी की समस्या पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं को दिया जवाब

पी. चंद |

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पानी के समस्या पर विपक्ष दल कांग्रेस को जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश की, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके कार्यकाल में 34 MLD जल उपलब्ध था, उस समय भी शिमला शहर को जल संकट से जूझना पड़ा था। इस साल जल संकट इसलिए पैदा हुआ, क्योंकि 22 MLD से भी कम पानी उपलब्ध था।

इस बार पहली दफा ऐसा हुआ है कि इतने गंभीर प्रयास किए गए और बहुत कम समय में जलापूर्ति को सामान्य बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में बकायदा उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पेयजल योजना का प्रस्ताव सौंपा था, जिसके बाद केंद्रीय जल आयोग के एक दल को शिमला भेजा है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय नगर नियोजन मंत्री हरदीप सिंह से पेयजल आपूर्ति के लिए 200 करोड़ स्वीकृत करने की मांग भी की है।

(आगे ख़बर के लिए विज्ञापन के नीचे स्क्रॉल करें…)

एक साल में 10 MLD जलापूर्ति का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिमला शहर के लिए चाबा से एक साल के अंदर 10 MLD जलापूर्ति का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर 80 करोड़ रुपये व्यय होंगे। प्रदेश सरकार अपनी नीति से भी कुछ जल स्रोतों पर कार्य करेगी। शिमला वासियों को काफी दिनों से पानी की कमी से जूझना पड़ा, जिसका मुख्य कारण सर्दियों में बारिश और बर्फबारी का कम होना है। कोलडैम से शिमला शहर के लिए जल लाने के कार्य को जल्द से जल्द से करने की संभावनाओं पर भी कार्य कर रही है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में स्वीकृत की गई योजनाओं पर जल्द काम करने का आश्वासन दिया। पत्रकारों से अनौपचारिक बात चीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि दीर्घकालीन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है जो अगले 50 से 60 सालों तक शिमला में पेयजल सुविधा प्रदान करेगी।