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पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की घोषणा पर CM ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया

पी. चंद |

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोविड-19 के कारण अनाथ हुए सभी बच्चों के लिए ‘पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन’ योजना की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इस योजना में प्रत्येक बच्चे के लिए 18 वर्ष की आयु तक 10 लाख रुपये का कॉर्पस शामिल होगा।

जय राम ठाकुर आज यहां इन्दिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में 1.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित 20 किलोलीटर लिक्विड ऑक्सीजन संयंत्र और आपातकालीन प्रयोगशाला का शुभारम्भ करने के उपरान्त मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को केन्द्रीय, नवोदय और सैनिक विद्यालयों इत्यादि में दाखिला दिया जाएगा तथा सरकार द्वारा उनकी पढ़ाई का खर्च वहन किया जाएगा। सरकार निजी विद्यालयों में पढ़ रहे ऐसे विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्च भी वहन करेगी।

 जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी भलाई के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत प्रत्येक अनाथ बच्चे को प्रतिमाह 3500 रुपये प्रदान किए जाएंगे, जिसमें से 2000 रुपये केंद्र सरकार और 1500 रुपये राज्य सरकार प्रदान करेगी। यदि बच्चे इच्छुक हों तो सरकार ऐसे अनाथ बच्चों को बाल देखभाल केंद्रों में दाखिल करने को प्राथमिकता देगी। अनाथ लड़कियों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में दाखिले में प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य सरकार मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत अनाथ लड़कियों को 51000 रुपये प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्दिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित 20 किलोलीटर ऑक्सीजन संयंत्र कोविड-19 रोगियों और अन्य रोगियों के लिए निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इस संयंत्र के स्थापित होने से चिकित्सा महाविद्यालय की ऑक्सीजन क्षमता 525 सिलेंडर से बढ़कर 1600 सिलेंडर से अधिक हो जाएगी। इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला की आपातकालीन प्रयोगशाला चैबीस घंटे कार्यशील रहेगी।

 कमला नेहरू अस्पताल में स्थापित एक्स-रे संयंत्र और 4-डी अल्ट्रासाऊंड मशीन के माध्यम से इस अस्पताल में रोगियों को नवीनतम उपचार व निदान सुविधाएं प्राप्त होंगी और इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय पर इसकी निर्भरता में कमी आएगी। मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र अस्पताल में गम्भीर रोगियों को भी ऑक्सीजन सुविधा प्रदान करेगा।