खेल मंत्री राकेश पठानिया जिन्हें नगर निगम धर्मशाला चुनावों की जीत का जिम्मा दिया है लेकिन इन दिनों में एक विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। राकेश पठानिया ने अपना एक बयान जारी किया जिसमे उन्होंने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार हुआ है और उसकी जांच नगर निगम चुनावों के बाद करवाई जाएगी। ऐसे में उनकी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं कि 3 साल सरकार में रहने के बाद भी चुनावों में ही उन्हें भ्रष्टाचार की याद क्यों आई।
अगर याद भी आई तो क्या उन्हें ये जानकारी नहीं कि नगर निगम में उन्हीं की सरकार के अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं। ऐसे में उन्हीं पर सवाल उठना भी लाजमी हैं कि क्यों 3 साल सरकार के अधिकारियों ने उन्हें भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी नहीं दी। अगर दी तो सरकार ने उसपर जांच क्यों नहीं बिठाई। चुनावों में राकेश पठानिया के इस बयान को सियासी जानकारी एक शिगूफा मान रहे हैं। उनका यही कहना है कि राकेश पठानिया किसी भी तरीके से नगर निगम चुनावों में अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं, तभी इस तरह की बयानबाजी वे करते दिख रहे हैं।
क्या है भाजपा की नगर निगम में मौजूद स्थिति ?
आपको बता दें कि धर्मशाला नगर निगम में कुल 17 वार्ड हैं और उसमें से मौजूद में 3 ही पार्षद भाजपा समर्थित है। इस बार चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़े जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा को कई वार्डों में जीतने वाले उम्मीदवार भी नहीं मिल रहे जिनकी तलाश अभी भी जारी है। आवेदन करता बहुत हैं लेकिन जीतने वाले उमीदवारों पर ही पार्टी अपना दांव लगाना चाहती है।
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