BBMB Fired Workers Protest: बीबीएमबी छंटनीकृत मजदूरों के प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर अपनी मांगें उठाई हैं। उनका कहना है कि बीबीएमबी में उन लोगों ने अपना जीवन भरपूर समर्पण से काम किया, लेकिन परियोजना के पूरा होने के बाद उन कर्मचारियों को छटनी का शिकार बना दिया गया। यह वादा किया गया था कि यदि भविष्य में किसी परियोजना में मजदूरों की जरूरत पड़ी तो छटनीकृत कर्मचारियों को पहले मौका दिया जाएगा, लेकिन बीबीएमबी प्रबंधन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और नई भर्तियां कर दीं।
मजदूरों का आरोप है कि वे कई वर्षों से विभिन्न अदालतों में संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। हाल ही में श्रम अदालत, चंडीगढ़ ने एक फैसले में 1 से 5 साल तक काम करने वाले मजदूरों को ₹25,000 और 5 साल से अधिक काम करने वाले मजदूरों को ₹50,000 मुआवजा देने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि मजदूरों को यह राशि ब्याज सहित दी जाए।

मजदूर यूनियन ने इस मुआवजा राशि को अपर्याप्त बताते हुए बीबीएमबी से इसे बढ़ाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है ताकि मजदूरों को न्याय मिल सके। अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो वे अपने संघर्ष को जारी रखेंगे। इसी कड़ी में, 8 फरवरी 2025 को मंडी में एक रैली आयोजित करने की योजना बनाई गई है, जिसमें छंटनीकृत मजदूरों की बड़ी संख्या शामिल होगी और वे सरकार की बेरुखी के विरोध में प्रदर्शन करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में राजेश कुमार, गोपींद्र शर्मा, सुरेश सरवाल, और परस राम शामिल थे।



