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हिमाचल सरकार ने 50 मेधावी छात्रों को कंबोडिया और सिंगापुर के शैक्षिक दौरे पर भेजा

 

  • मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला से छात्रों को किया रवाना।
  • सरकार शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने की कर रही है तैयारी।

International Exposure for Students: हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को भी वैश्विक स्तर की शिक्षा और आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने के लिए विदेशी दौरे पर भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को 50 मेधावी छात्रों को कंबोडिया और सिंगापुर के शैक्षिक दौरे के लिए रवाना किया। ये छात्र प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 10वीं कक्षा के टॉपर रहे हैं और वर्तमान में 11वीं व 12वीं में अध्ययनरत हैं।

विदेश भ्रमण से छात्रों को मिलेगा अनोखा अनुभव
इस दौरे के दौरान छात्र विभिन्न देशों की शिक्षा प्रणाली, आधुनिक तकनीकों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुभव प्राप्त करेंगे। यह कदम न केवल उनकी सीखने की प्रक्रिया को समृद्ध करेगा बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होगा।

शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा को गुणवत्ता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के साथ-साथ अब छात्रों को भी एक्सपोज़र विजिट पर भेजा जा रहा है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली से परिचित हो सकें।

सीएम सुक्खू का बयान:

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, “प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को विदेश भेजा जा रहा है ताकि वे वहां की शिक्षा व्यवस्था और आधुनिक तकनीकों को सीखकर अपने ज्ञान को समृद्ध कर सकें।”

उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में डे-बोर्डिंग स्कूल बनाने की योजना भी शुरू हो गई है और आगामी बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़े फैसले लिए जाएंगे।

शिक्षा मंत्री और अन्य अधिकारी भी रहेंगे साथ

इस दौरे में छात्रों के साथ प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और पूर्व सीपीएस सोहनलाल ठाकुर भी मौजूद रहेंगे, जो इस शैक्षिक यात्रा के दौरान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।

विद्यार्थियों की राय:

इस अवसर पर विदेश भ्रमण पर जा रहे छात्रों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस यात्रा से उन्हें वैश्विक शिक्षा प्रणाली को समझने और नए अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा।

क्या होंगे इस कदम के प्रभाव?

  • छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था का अनुभव मिलेगा।
  • नई तकनीकों और शिक्षण विधियों से अवगत होंगे।
  • छात्रों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
  • हिमाचल प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को नया दृष्टिकोण मिलेगा।