धर्मशाला : उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति सशक्त हो सके। सोमवार को धर्मशाला जिला परिषद कार्यालय के बाहर ‘हिम ईरा शॉप’ का शुभारंभ करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इस पहल से स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक स्थायी मंच मिलेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त बैरवा ने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में ‘हिम ईरा शॉप’ की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। चूंकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूह जैविक और पारंपरिक उत्पाद तैयार करते हैं, इसलिए इस पहल से उन्हें अधिक ग्राहकों तक पहुंचने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और पैकेजिंग को आकर्षक बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे बाजार में इनकी मांग बढ़ सके।
ऑनलाइन बिक्री की भी सुविधा
स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक व्यापार से जोड़ने के लिए ‘हिम ईरा’ की एक आधिकारिक वेबसाइट भी विकसित की गई है। उपायुक्त ने बताया कि सभी समूहों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है ताकि वे अपने उत्पाद ऑनलाइन भी बेच सकें। इससे छोटे उद्यमियों को देशभर के ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
जिले में अन्य स्थानों पर भी खुलेंगी ‘हिम ईरा शॉप्स’
उन्होंने बताया कि जिला भर में चरणबद्ध तरीके से ‘हिम ईरा शॉप्स’ स्थापित की जा रही हैं। कांगड़ा और नगरोटा में पहले ही ऐसी दुकानें शुरू हो चुकी हैं, जबकि अन्य उपमंडलों में भी इनके निर्माण की योजना बनाई गई है।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
उपायुक्त बैरवा ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए कि वे ‘हिम ईरा शॉप्स’ की बिक्री पर विशेष ध्यान दें और आवश्यक सुधारों को लागू करें। साथ ही, बागवानी और कृषि विभागों को भी निर्देशित किया गया है कि वे जैविक बागवानी और कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए एक समुचित योजना तैयार करें।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डीआरडीए चंद्र वीर ने ‘हिम ईरा शॉप’ के उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में एडीसी विनय कुमार, जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच, उपनिदेशक बागवानी कमलशील नेगी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।



