Himachal Lawyers’ Strike: केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 के खिलाफ वकीलों की हड़ताल जारी है, जिससे न्यायिक कार्य बाधित हो रहा है। हिमाचल हाईकोर्ट बार काउंसिल ने वकीलों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है और कहा है कि बिल फिलहाल वापस ले लिया गया है और इसमें किसी भी तरह का संशोधन नहीं हो रहा है।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की प्रेस वार्ता
बुधवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लवलिश कंवर ने पत्रकार वार्ता में बताया कि दिल्ली में कानून मंत्री के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि फिलहाल बिल में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा। यह बिल पब्लिक डोमेन से भी हटा लिया गया है, जिससे साफ है कि सरकार इस पर आगे कोई कार्यवाही नहीं कर रही।
लवलिश कंवर ने कहा “देशभर में वकीलों की हड़ताल अब समाप्त हो चुकी है, लेकिन हिमाचल के अधिवक्ता अभी भी हड़ताल पर हैं, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में अब हड़ताल को खत्म किया जाना चाहिए।”
क्यों हुआ था विरोध?
अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 के तहत कुछ ऐसे प्रावधान थे, जिनसे वकीलों के अधिकारों और उनके पेशेवर कार्यों पर असर पड़ सकता था। वकीलों का मानना था कि बिल के प्रावधान उनकी स्वतंत्रता को सीमित करने वाले हैं। इसी कारण देशभर में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और हड़ताल पर चले गए।
अब क्या होगा?
केंद्र सरकार ने वकीलों की मांग को ध्यान में रखते हुए बिल को फिलहाल वापस ले लिया है। सरकार का कहना है कि बिल में कोई संशोधन नहीं किया जा रहा और इसे दोबारा लागू करने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। अब हिमाचल हाईकोर्ट बार काउंसिल वकीलों से हड़ताल समाप्त करने की अपील कर रहा है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया सामान्य हो सके।



