API Green Hydrogen Facility: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सोलन जिले के बीबीएन क्षेत्र में भारत की पहली एकीकृत एपीआई, ग्रीन हाइड्रोजन और 2जी इथेनॉल विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए 1400 करोड़ रुपये के निवेश से समझौता किया। यह परियोजना स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज लिमिटेड, चंडीगढ़ के सहयोग से संचालित होगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में यह समझौता (MOC) हुआ, जिसमें राज्य सरकार की ओर से निदेशक उद्योग डॉ. युनूस और कंपनी की ओर से प्रबंध निदेशक विवेक वर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत प्रदेश में 1000 युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
परियोजना के पहले चरण में 30 मेगावाट ग्रीन हाइड्रोजन की आवश्यकता होगी, जिसे भविष्य में 50 मेगावाट तक बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हिमाचल को 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में सोलन जिले के नालागढ़ में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से एक मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन और इथेनॉल उत्पादन में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कंपनी को निर्देश दिया कि इस परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाए, ताकि राज्य को जल्द से जल्द हरित ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
समझौते के दौरान मौजूद वरिष्ठ अधिकारी
समझौते के दौरान उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार (अधोसंरचना) अनिल कपिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, अतिरिक्त निदेशक उद्योग तिलक राज शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना हिमाचल के उद्योग और पर्यावरण क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली होगी। इससे प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में देश को एक नई दिशा मिलेगी।



