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भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल में बढ़ते गैंगवॉर और कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात पर चिंता जताई
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उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में माफिया सक्रिय हैं और अपराध बढ़ते जा रहे हैं
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कश्यप ने कांग्रेस नेताओं पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया और एसआईटी जांच पर भरोसा रखने की अपील की
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते अपराध और हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाओं को लेकर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रदेश में गैंगवॉर की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे हिमाचल की जनता भयभीत हो गई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जिला बिलासपुर में हुई गोलीबारी दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे प्रदेश में बढ़ते अपराधों की भयावह तस्वीर सामने आती है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है, लेकिन अब यहां अपराधों का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। पहले प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट शूटर जैसी घटनाएं नहीं होती थीं, लेकिन अब माफिया तत्व सक्रिय होकर कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
कश्यप ने कहा कि जब प्रदेश सरकार के नेता स्वयं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों की लापता होने की घटनाएं, पुलिस पर हमले, सरकारी संपत्तियों पर गोलीबारी और आम जनता को धमकाने जैसी घटनाएं प्रदेश में आम होती जा रही हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि हाल ही में गोली लगने से घायल हुए कांग्रेस नेता राजनीति से प्रेरित टिप्पणियां कर रहे हैं। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस नेता बिना किसी प्रमाण के लोगों पर झूठे आरोप लगा रहे हैं और सच्चाई को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है और उचित कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत आरोप लगाने से बचें, क्योंकि इससे उनकी खुद की छवि खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं का झूठ बोलने का इतिहास रहा है और जनता को यह भली-भांति पता है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी से आग्रह किया कि बिना सबूत किसी पर झूठे आरोप न लगाए जाएं और कानून को अपना काम करने दिया जाए।



