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वन संरक्षण को रोजगार और ईको-टूरिज्म से जोड़ रही है सरकार

 

  • ठियोग के सरा गड़ाकुफर में 1.60 करोड़ की लागत से वन विश्राम गृह का वर्चुअल शिलान्यास

  • पौधरोपण से स्थानीय लोगों को रोजगार, 100 करोड़ की राजीव गांधी वन संवर्धन योजना का प्रावधान


Himachal Forest Conservation: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला जिले के ठियोग के सरा गड़ाकुफर क्षेत्र में 1.60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वन विश्राम गृह का वर्चुअल शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि वन संरक्षण को पर्यटन और रोजगार से जोड़ा जाए। सरा गड़ाकुफर क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में विश्राम गृह की कमी थी। इसी को देखते हुए यहां वन विश्राम गृह बनाने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 450 विश्राम गृह हैं, जिन्हें ईको-टूरिज्म के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। अब तक 7 ईको-टूरिज्म साइट्स आवंटित की जा चुकी हैं और 78 नई साइट्स जल्द ही आवंटित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिले।

उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 600 हेक्टेयर बंजर भूमि पर पौधरोपण किया गया है और वित्त वर्ष 2025-26 में 5000 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का लक्ष्य है। इस योजना में स्थानीय युवक मंडलों, महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 1 से 5 हेक्टेयर की बंजर वन भूमि पर पौधरोपण किया जाएगा और पांच वर्षों तक रख-रखाव के लिए मंडलों और समूहों को सहायता राशि दी जाएगी।

इस अवसर पर विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्यटन और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने नारकंडा में आइस स्केटिंग रिंक निर्माण और यूनिवर्सल कार्टन योजना की भी जानकारी दी।