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भानु सप्तमी पर सूर्य की कृपा से संवर सकती है किस्मत: रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग आज, पर दिनभर भद्रा में रखें सावधानी

  • आज भानु सप्तमी, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बना है
  • भद्रा सुबह 07:18 से शाम 07:21 तक रहेगी, इस दौरान शुभ कार्य वर्जित हैं
  • सूर्य को अर्घ्य देकर और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं सूर्य दोष दूर


Sun Worship: आज 4 मई 2025 को भानु सप्तमी, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे अत्यंत शुभ संयोगों का त्रिवेणी मिलन हो रहा है। यह दुर्लभ योग खरीदारी, पूजा-पाठ और जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अत्यंत फलदायक माना गया है। रविवार को सप्तमी तिथि पड़ने से आज का दिन सूर्य भगवान को समर्पित है। वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 07:18 तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि लगेगी। आज पुष्य नक्षत्र दोपहर 12:53 बजे तक और गण्ड योग रात 12:42 बजे तक रहेगा। इस दौरान रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी दोपहर 12:53 बजे तक प्रभावी रहेंगे।

भद्रा काल सुबह 07:18 बजे से शाम 07:21 बजे तक रहेगा, जो किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य के लिए वर्जित माना गया है। हालांकि, पूजा-पाठ और जप-तप इस काल में किए जा सकते हैं। चंद्रमा कर्क राशि में गोचर कर रहा है और पूर्व दिशा में दिशाशूल है, जिससे पूर्व दिशा की यात्रा से परहेज करने की सलाह दी जाती है। सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पण करना, जिसमें लाल फूल, गुड़, चंदन और गेहूं हो, विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।

भक्तों को आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने, गायत्री मंत्र का जाप करने और लाल या नारंगी वस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है। आज सूर्य दोष से मुक्ति पाने के लिए सूर्य से संबंधित वस्तुओं जैसे लाल वस्त्र, तांबा, गुड़, गेहूं आदि का दान करना भी शुभ है। रविवार व्रत करने वाले लोग फलाहार करें और नमक का सेवन न करें

आज के शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:12 से 04:54 तक, अमृत काल 06:24 से 08:01 तक, अभिजीत मुहूर्त 11:51 से 12:45 तक, और विजय मुहूर्त 02:31 से 03:25 तक रहेगा। चौघड़िया अनुसार, दिन के सर्वोत्तम समय 10:38 से 12:18 तक और रात के सबसे शुभ समय 08:18 से 09:38 तक होंगे।