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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में “नशा मुक्त हिमाचल” थीम पर मैराथन का आयोजन
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150 छात्रों ने भाग लिया, विजेताओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए
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प्रो. ममता मोक्ता ने नशा विरोधी अभियान को सामाजिक मिशन बताया
HPU Marathon 2025: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (शिमला) में 22 मई 2025 को “नशा मुक्त हिमाचल के लिए दौड़” (Run for a Drug-Free Himachal) विषय पर एक मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस आयोजन का संचालन डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय द्वारा जन प्रशासन विभाग और शारीरिक शिक्षा विभाग के सहयोग से किया गया।
मैराथन की शुरुआत विश्वविद्यालय पुस्तकालय से हुई, जिसे डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रोफेसर ममता मोक्टा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य वार्डन प्रो. आर.एल. जिंटा, शारीरिक शिक्षा विभाग अध्यक्ष प्रो. हरि सिंह, डॉ. यशवंत हार्टा, डॉ. मनोहर शर्मा, डॉ. रजिया सुल्तान और मुख्य सुरक्षा अधिकारी जी.डी. शर्मा उपस्थित रहे।
इस दौड़ में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 150 छात्रों ने भाग लिया। बालिका वर्ग में जूलॉजी विभाग की बीना चौहान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि फिजिकल एजुकेशन विभाग की ज्योतिका दूसरे, बबीता तीसरे और यामिनी चौथे स्थान पर रहीं। बालक वर्ग में कॉमर्स विभाग के नितेश सिंग्टा प्रथम, फिजिकल एजुकेशन के हरीश द्वितीय, मोहित तृतीय और किशोरी चतुर्थ स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
दौड़ के पश्चात छात्रों ने “नशा मुक्ति के समर्थन में रैली” निकाली, जिसमें उन्होंने नशे के खिलाफ नारे लगाए और लोगों से हिमाचल को नशा मुक्त बनाने की अपील की। यह रैली आर्ट्स ब्लॉक में समाप्त हुई।
प्रो. ममता मोक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशा मुक्ति केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसमें सजगता, सहानुभूति और भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने की अपील की।
प्रो. आर.एल. जिंटा ने रोकथाम, सशक्त प्रवर्तन और पुनर्वास को नशा नियंत्रण के तीन मुख्य स्तंभ बताया। वहीं मुख्य सुरक्षा अधिकारी जी.डी. शर्मा ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज एक्ट 1985 की जानकारी दी।



