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हिमाचल में भूकंप के तेज झटके, चंबा रहा केंद्र रात 10:04 बजे कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग

हिमाचल प्रदेश में रात 10:04 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए
रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5 दर्ज, चंबा रहा भूकंप का केंद्र
कई जिलों में लोग घरों से बाहर निकले, फिलहाल किसी नुकसान की सूचना नहीं


हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात अचानक आए भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। रात करीब 10 बजकर 4 मिनट पर प्रदेश के कई हिस्सों में धरती कांपने लगी। भूकंप के झटके लगभग 2 से 3 सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। देर रात तक कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर घरों के बाहर ही बैठे रहे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 दर्ज की गई है। इसका केंद्र चंबा जिला बताया गया है, जबकि जमीन के भीतर इसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर रही। भूकंप का केंद्र अपेक्षाकृत कम गहराई पर होने के कारण इसके झटके आसपास के कई जिलों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए।

भूकंप के बाद चंबा और कांगड़ा जिलों में लोगों में सबसे ज्यादा घबराहट देखी गई। कई परिवार अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में पहुंच गए। कुछ लोगों ने बताया कि अचानक घरों के दरवाजे और खिड़कियां हिलने लगीं, जिसके बाद वे तुरंत बाहर निकल आए। कांगड़ा में कई लोग देर रात तक अपने घरों के बाहर बैठे रहे और स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते रहे।

भूकंप के झटके केवल चंबा और कांगड़ा तक सीमित नहीं रहे। मंडी, सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लोगों ने धरती हिलने का अनुभव किया। हालांकि राहत की बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक कहीं से भी जान-माल के नुकसान या किसी बड़े हादसे की सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

विशेषज्ञों के अनुसार हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन-5 में आता है। यह देश के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। पहाड़ी राज्य होने और सक्रिय भूगर्भीय गतिविधियों के कारण यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं। यही वजह है कि राज्य में भूकंप सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

भूकंप क्यों आता है?

वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की सतह कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी हुई है। ये प्लेट्स लगातार गतिशील रहती हैं और धीरे-धीरे एक-दूसरे की ओर बढ़ती रहती हैं। जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं या उनके बीच दबाव बढ़ता है तो ऊर्जा जमा होने लगती है। एक सीमा के बाद यह दबाव अचानक मुक्त होता है और ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है। इसी प्रक्रिया के कारण धरती कांपती है और भूकंप आता है।

हिमाचल प्रदेश में आए ताजा भूकंप ने एक बार फिर लोगों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर जाना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण होता है।