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विधायक संजय रतन ने किया लाइसेंस वितरण, बिल पट्टियां साइट से शुरू हुआ सफर
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पैरामोटरिंग को मिलेगा बढ़ावा, युवाओं के लिए खुलेंगे साहसिक पर्यटन के द्वार
Himachal’s first paramotor license: हिमाचल प्रदेश में साहसिक खेलों के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्रदेश का पहला पैरामोटर पायलट लाइसेंस आज विधायक संजय रतन द्वारा पायलट राहुल गढ़वाल को सौंपा गया। यह आयोजन कांगड़ा जिला के ज्वालामुखी में हुआ, जहां राहुल की वर्षों की मेहनत और उड़ान का सम्मान हुआ। यह कदम प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक नई दिशा में बढ़ता कदम माना जा रहा है।
राहुल गढ़वाल ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में सोलांग वैली (मनाली) में पायलट बुद्धि प्रकाश से प्रशिक्षण लेकर की थी। वर्ष 2011 में विधायक संजय रतन के सहयोग से उन्होंने बिल पट्टियां में पैराग्लाइडिंग शुरू की। अब यही जगह हिमाचल की प्रमुख पैराग्लाइडिंग साइट बन चुकी है। इस स्थान को प्रदेश में पैरामोटरिंग के एक संभावनाशील केंद्र के रूप में भी देखा जा रहा है।
राहुल की उड़ानें राजस्थान के रेगिस्तानों से लेकर गुलमर्ग की बर्फीली पहाड़ियों और बीड़ बिलिंग की वादियों तक फैली हैं। उन्होंने पैरामोटर फ्लाइंग में महारत हासिल की है। उनकी उड़ानों में उपयोग की जाने वाली इटली की विटोराजी कंपनी की 100 सीसी की मशीन 18 हॉर्सपावर की ताकत के साथ 3 घंटे की उड़ान क्षमता रखती है और अनुकूल मौसम में 100 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।
इस मौके पर विधायक संजय रतन ने कहा, “यह राहुल की ही नहीं, हिमाचल की उड़ान है। यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को साहसिक पर्यटन की ओर प्रेरित करेगी और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई राह खोलेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐसी पहलों को लगातार समर्थन दे रही है।
इस पहल के माध्यम से हिमाचल में पैरामोटरिंग और पैराग्लाइडिंग जैसे खेलों को संस्थागत पहचान मिलने की संभावना बढ़ी है। इससे पर्यटन उद्योग को नया आयाम मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।



