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सुदामा चरित्र ने छुआ हृदय, श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हुए भक्त

सनोट गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन भक्ति भाव से संपन्न
कथावाचक सुमित शास्त्री ने सुनाई भगवान कृष्ण और सुदामा की प्रेरणादायक कथा
भक्ति रस में झूमे श्रद्धालु, कथा के अंत में हुआ विशाल भंडारा

देहरा, Barjeshwar Saki


देहरा उपतहसील के ग्राम सनोट में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। इस धार्मिक आयोजन में पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु जुटे और प्रभु भक्ति, भजन और भंडारे में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

कथावाचक पंडित सुमित शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए विशेष रूप से सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निष्काम भक्ति ही परम सुख का मार्ग है। सुदामा जैसे निर्धन ब्राह्मण के जीवन की कठिनाइयों के बावजूद उनके प्रभु प्रेम ने उन्हें अमर बना दिया। श्रीकृष्ण द्वारा उन्हें अपनाने और उनकी भक्ति को सबसे बड़ा उपहार मानने का प्रसंग श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित कर गया।

पूरे आयोजन के दौरान जब कथावाचक ने “रो रो पूछ रहे भगवान, बांके बिहारी जी दूर करो दुःख मेरा” जैसे भजन गुनगुनाए, तो श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। वातावरण में शांति, प्रेम और अध्यात्म का गूढ़ संगम देखने को मिला।

इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में शुभकरण नरियाल, अभय सिंह, अक्षय, सुरिंदर सिंह नरियाल, शिवांश ठाकुर, सुनील राणा, ईशा, सपना मांगला, प्रेमलता और सरोज सहित अनेक ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कथा समापन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन को देवकृपा का प्रतीक बताया।

गांववासियों का कहना था कि ऐसे आयोजन ना सिर्फ धार्मिक चेतना को जागृत करते हैं, बल्कि गांव में सद्भाव और संस्कृति को भी मज़बूती देते हैं। उन्होंने इसे ग्राम के लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक प्रेरणा बताया।