➤ दो दशक से बंद दलित बस्तियों की सड़क खुलवाने सड़कों पर उतरे लोग
➤ कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
➤ मुख्यमंत्री को ज्ञापन, एक्सियन पर भ्रष्टाचार के आरोप और हटाने की मांग
जोगिंदरनगर (मंडी) उपमंडल की गड़ूही-भौरा-कस हरिजन बस्ती को जोड़ने वाली वर्षों से बंद सड़क को दोबारा खोलने की मांग को लेकर सैंकड़ों लोग बुधवार को सड़कों पर उतर आए। हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष और जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में भारी बारिश के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारी जलूस की शक्ल में लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचे और वहां धरना देकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर शामिल थे।
गौरतलब है कि मंगलवार को प्रशासन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीम ने उक्त क्षेत्र में निशानदेही का कार्य किया था और लोगों से कहा गया था कि सड़क खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, इसलिए बुधवार के प्रदर्शन में भाग न लें। लेकिन इसके बावजूद किसान सभा के आह्वान पर लोग भारी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शन में गड़ूही, भौरा, कस समेत आसपास के गांवों से लोग पहुंचे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, किसान, युवा और वर्तमान व पूर्व पंचायत प्रतिनिधि शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने PWD एक्सियन पर तानाशाही रवैये और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और मांग की कि उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही दशकों से बंद सड़क को खोलने की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए ताकि दलित बस्तियों तक आवागमन बहाल हो सके।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह सड़क न केवल सामाजिक न्याय का सवाल है, बल्कि मानवाधिकार और बुनियादी सुविधाओं का भी मामला है। लंबे समय से लोग पीड़ा झेल रहे हैं, प्रशासन ने केवल आश्वासन दिए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ।
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी जाएगी।



