➤HPTDC मुख्यालय शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने का निर्णय
➤लोक निर्माण विभाग कर्मियों का मानदेय 500 बढ़ा
➤100 पंचायतों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की मंजूरी
पराक्रम चंद, शिमला
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की अहम बैठक में शनिवार को कई बड़े फैसले लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) मुख्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने की मंजूरी दी गई। इससे पहले रेरा और वन विभाग का वाइल्ड लाइफ विंग भी धर्मशाला शिफ्ट किया जा चुका है। इस कदम से क्षेत्रीय संतुलन और कांगड़ा के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के बहुउद्देशीय कर्मियों के मानदेय को 5000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रतिमाह करने को मंजूरी दी। इस निर्णय से लगभग 5000 कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
इसके अलावा प्रदेश सरकार ने दूध प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत गैर-सरकारी डेयरी सहकारी समितियों को दूध की आपूर्ति करने वाले किसानों को डीबीटी के माध्यम से 3 रुपए प्रति लीटर सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
जिला पुलिस देहरा में विभिन्न श्रेणियों के 101 पद सृजित कर उन्हें भरने का फैसला भी कैबिनेट में लिया गया। इससे क्षेत्र में पुलिस बल को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
परंपरागत ऊर्जा पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ब्याज अनुदान योजना लागू करने की घोषणा की गई। जनजातीय क्षेत्रों में 100 किलोवाट से 1 मेगावाट तक की परियोजनाओं को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, जबकि गैर जनजातीय क्षेत्रों में 250 किलोवाट से 2 मेगावाट की परियोजनाओं को 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
हरित पंचायत योजना के तहत 100 पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता वाले सौर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से हर माह 25 लाख रुपये तक का राजस्व आने की संभावना है। आय का 30 प्रतिशत हिस्सा हिम ऊर्जा को, 20 प्रतिशत राज्य सरकार को और 40 प्रतिशत संबंधित ग्राम पंचायतों को जाएगा। पंचायतों को अनाथों व विधवाओं के कल्याण के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सा भी मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने राज्य की 3645 पंचायतों में पंचायत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र खोलने को भी मंजूरी दी है। यह केंद्र आपदाओं के दौरान त्वरित राहत सुनिश्चित करेंगे।
आज की बैठक में चार मंत्री – डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह – अनुपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री का चौपाल दौरा था, जबकि बाकी मंत्री निजी कारणों से शामिल नहीं हुए।



