➤ भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री सराज के ग्राउंड जीरो पर पहुंचे
➤ भूस्खलन के बीच जान जोखिम में डालकर किया दौरा
➤ आपदा पीड़ितों को ढांढस बंधाया, पुनर्निर्माण को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को भारी बारिश और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित सराज क्षेत्र का दौरा किया और तबाही के मंजर को अपनी आंखों से देखा।

बगस्याड, सरण, थुनाग, पाण्डवशिला, कुथाह और जंजैहली में पहुंचकर उन्होंने ग्राउंड जीरो पर हालात का जायजा लिया, जहां कई मकान टूट चुके थे, बिजली-पानी की सप्लाई ठप थी और लोगों के चेहरों पर ग़म व पीड़ा थी। मुख्यमंत्री का मन इन दृश्यों को देखकर द्रवित हो उठा।

सबसे कठिन था लम्बाथाच का मार्ग, जहां भूस्खलन के बीच मुख्यमंत्री का काफिला जान जोखिम में डालकर गुजरा। इसके बावजूद वे न रुके, न थके। गांव-गांव पहुंचकर उन्होंने आपदा पीड़ितों के हाल जाने, छोटे बच्चों से मुलाकात की, बेटियों को दुलार दिया और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों में जुटे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सरकारी विभागों और वालंटियरों की सराहना की और उन्हें खुद को सुरक्षित रखते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बिजली, पानी और सड़क की बहाली को प्राथमिकता देने को कहा।

राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके अनुभव और पीड़ा को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण के कार्य तुरंत शुरू किए जाएँ और सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी संपर्क मार्गों को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति राहत सामग्री से वंचित न रहे।




