➤ महीने में 100 से कम ओपीडी वाली 30 डिस्पेंसरियां होंगी बंद
➤ जहां भवन या स्टाफ नहीं वहां युक्तिकरण किया जाएगा
➤ डॉक्टरों को जरूरत वाले क्षेत्रों में किया जाएगा ट्रांसफर
हिमाचल प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब उन आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों को बंद किया जाएगा जहां हर महीने 100 से कम ओपीडी होती है। इस समीक्षा में राज्य की लगभग 30 ऐसी डिस्पेंसरियां सामने आई हैं जिनमें या तो डॉक्टर मौजूद नहीं, या फिर भवन और सुविधाओं का अभाव है। इनकी तीन वर्षों की गतिविधियों का अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा ने स्पष्ट किया है कि जिन जगहों पर ओपीडी कम है, वहां की सेवाएं समेटी जाएंगी और जहां जरूरत अधिक है, वहां अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे आयुर्वेदिक डॉक्टरों और स्टाफ का युक्तिकरण किया जाएगा ताकि वे ज्यादा जरूरत वाले क्षेत्रों में सेवाएं दे सकें। हालांकि सरकार के इस कदम से कुछ स्थानीय लोगों को अब आयुर्वेदिक उपचार के लिए दूर जाना पड़ सकता है।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई डिस्पेंसरियां बिना भवन और स्टाफ के खोली गई थीं, जो आज मरीजों की कमी और संसाधनों की विफलता का उदाहरण बन चुकी हैं। अब इन पर पुनर्विचार कर, नीति अनुसार बदलाव लाया जाएगा ताकि सरकारी धन का सही इस्तेमाल हो सके और सेवाएं व्यर्थ न जाएं।



