➤ बाल मेले में बच्चों ने जमकर उठाया आनंद, कुलबिंद्र बिल्ला ने बांधा समां
➤ नगरोटा में चिल्ड्रन पार्क व खेल मैदानों के निर्माण की घोषणा, युवाओं के लिए योजनाएं तेज
➤ स्व. जीएस बाली की जयंती पर मेगा मेडिकल कैंप में 6000 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण
धर्मशाला, 27 जुलाई। नगरोटा के गांधी ग्राउंड में विकास पुरुष स्वर्गीय जीएस बाली की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय बाल मेला रविवार को समापन पर पहुंचा। इस मेले में बच्चों और युवाओं ने भरपूर आनंद उठाया। मेले की सबसे खास बात यह रही कि इसमें मुफ्त झूले, मिकी माउस, आईसक्रीम, जलेबी व मिठाइयां बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं।
पर्यटन निगम के अध्यक्ष एवं कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली, जो बाल मेला कमेटी के संरक्षक भी हैं, ने इस आयोजन को सभी वर्गों खासकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए समर्पित बताया। लोक कलाकारों और बॉलीवुड गायक कुलबिंद्र बिल्ला ने मंच पर शानदार प्रस्तुति देकर मेले में आए लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दूरदराज से आए लोग, खासकर बच्चों के साथ आए माता-पिता ने स्व. जीएस बाली द्वारा शुरू की गई इस पहल की खुले दिल से सराहना की और कहा कि यह मेला अब नगरोटा की पहचान बन चुका है।
इस मौके पर **आरएस बाली ने ऐलान किया कि नगरोटा विस क्षेत्र में युवाओं और बच्चों के लिए चरणबद्ध तरीके से चिल्ड्रन पार्क, खेल मैदान और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए केंद्र बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगरोटा विधानसभा क्षेत्र में इस वर्ष करोड़ों रुपये के विकास कार्य बजट में स्वीकृत हुए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल की नींव रखी गई है जिसे विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा को भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान के रूप में उभारा जा रहा है।
रोजगार संघर्ष यात्रा और युवाओं को स्वरोजगार देने की दिशा में भी स्व. जीएस बाली के विजन को आगे बढ़ाते हुए बाल मेले के माध्यम से रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है जो युवाओं के लिए सार्थक साबित हो रहे हैं।
मेगा मेडिकल कैंप में बड़ी भागीदारी:स्व. जीएस बाली की जयंती पर नगरोटा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित मेगा मेडिकल कैंप में करीब 6000 लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई। 50 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सेवा दी। इस दौरान 3000 लोगों को आंखों के चश्मे, श्रवण यंत्र, दवाइयां और टेस्ट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई गई।
तकनीकी शिक्षा मंत्री द्वारा 50 दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्ट केन, मोबाइल फोन और घड़ियां भेंट की गईं, जिससे मेले की समाजसेवी भावना और भी मजबूत हुई।



