➤ करुणामूलक नौकरियों की आय सीमा बढ़ाई गई
➤ महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम की मंजूरी, मिलेगा ओवरटाइम
➤ 500 पद भरने, मेडिकल पार्क, हवाई सेवा व बीएड प्रवेश पर अहम निर्णय
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। यह बैठक लगातार तीसरे दिन हुई और इसमें राज्य के सामाजिक, आर्थिक व अधोसंरचनात्मक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्रिमंडल ने करुणामूलक नियुक्ति नीति में संशोधन करते हुए पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा को 2.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया। अब 45 वर्ष से कम उम्र की विधवाएं, अनाथ और कर्तव्य के दौरान मारे गए सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस नीति के तहत 500 पदों को भरने की स्वीकृति भी दी गई है।
बैठक में सिस्टर निवेदिता राजकीय नर्सिंग कॉलेज, शिमला में बीएससी नर्सिंग की सीटें 60 से बढ़ाकर 100 की गईं। साथ ही टांडा मेडिकल कॉलेज में नए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की अनुमति दी गई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रिमंडल ने उन्हें इच्छानुसार 12 घंटे की ड्यूटी की मंजूरी दी है। उन्हें ओवरटाइम भी मिलेगा। रात 7 से सुबह 7 बजे तक नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति भी दी गई है। साथ ही मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत सभी सुविधाएं लागू होंगी।
बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा अब हिमाचल विश्वविद्यालय (HPU) के माध्यम से करवाई जाएगी। वहीं महर्षि वाल्मीकि कामगार योजना में मकान निर्माण राशि को 3 लाख रुपये किया गया है।
शिमला-धर्मशाला-शिमला उड़ान सेवा के लिए Alliance Air के साथ समझौते का नवीकरण किया गया है, जो अब 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।
नालागढ़ में 300 एकड़ के मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट उप समिति गठित की गई है। साथ ही खनिज नियमों में संशोधन करते हुए ठेकेदारों को निर्माण सामग्री के निजी प्रयोग की छूट दी गई है।
मंत्रिमंडल ने 172 लघु जलविद्युत परियोजनाओं और 22 बड़ी परियोजनाओं को रद्द कर दिया है, जिनका कार्य वर्षों से रुका था। साथ ही इनसे जुड़े 14 परियोजना डेवलपर्स से बातचीत के लिए समिति का गठन हुआ है।
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को एक साल का विस्तार दिया गया है। धौलाकुआं माजरा योजना क्षेत्र की विकास योजना को भी मंजूरी मिली।
अंत में, पटवार सर्किल नलेटी का पुनर्गठन किया गया, और नशे पर राज्य की नीति और प्रयासों की विस्तृत समीक्षा मंत्रिमंडल में प्रस्तुत की गई।



