➤ प्रागपुर की महिला प्रधान ने पति की गिरफ्तारी पर कहा – कानून से बड़ा कोई नहीं
➤ ड्रग्स के खिलाफ सख्ती की मिसाल, प्रधान बोली – कोर्ट दे सख्त सजा अगर दोष सिद्ध हो
➤ चरस तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हुआ पति, महिला मुखिया ने दिखाई जिम्मेदार सोच
गौरव सेठी
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला स्थित प्राचीन धरोहर ग्राम गरली-प्रागपुर से एक प्रेरणादायक लेकिन चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो समाज में नशे के खिलाफ बढ़ते जनजागरूकता की एक मिसाल बन सकता है। यहां की ग्राम पंचायत प्रधान शशीलता ने अपने ही पति की गिरफ्तारी पर ऐसा बयान दिया है, जो आज चर्चा का विषय बना हुआ है।
29 जुलाई 2025 को शशीलता के पति को पुलिस ने चरस तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद लोगों की निगाहें इस ओर थीं कि बतौर पत्नी और एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के तौर पर शशीलता क्या रुख अपनाएंगी। लेकिन उन्होंने जो कहा, उसने सबको चौंका दिया। शशीलता ने कहा,
“मैं कानून के साथ खड़ी हूं। अगर मेरे पति दोषी हैं, तो अदालत उन्हें सख्त से सख्त सजा दे। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरा कर्तव्य है कि मैं अपराधियों का बचाव नहीं, समाज की सुरक्षा का साथ दूं।” यह षड्रयंत्र भी हो सकता है। उनको सजा मिलनी चाहिए। कहा कि मान सम्मान को प्रताडि़त किया जा रहा है। कांग्रेस और बीजेपी से आग्रह है कि इस राजनीति का मंच न बनाएं। मुझे कोई भी चुनाव नहीं लड़ना है।
उनकी यह निर्भीक और नैतिकता से परिपूर्ण सोच केवल एक बयान नहीं बल्कि नशे के खिलाफ एक सामाजिक संदेश है – कि अपराध चाहे कोई भी करे, समाज को उससे समझौता नहीं करना चाहिए। शशीलता ने आगे कहा कि नशा एक सामाजिक कैंसर बन चुका है, और जब तक परिवार और नेतृत्व इसे खुलकर अस्वीकार नहीं करेंगे, तब तक यह पीढ़ियों को निगलता रहेगा।
इस घटनाक्रम ने ड्रग्स के खिलाफ सरकारी और सामाजिक अभियान को और बल दिया है। शशीलता का यह साहसिक रुख हिमाचल की पंचायतों, महिलाओं और युवाओं के लिए मिसाल बन सकता है। समाज में यह विश्वास बढ़ा है कि अब नशे के कारोबारियों को सामाजिक समर्थन नहीं बल्कि कानूनी शिकंजा मिलेगा।



